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प्याज बिना

प्याज के दाम बढ़ रहे हैं और प्याज अखबारों के पेज तीन के बाद अब पेज एक पर छा रहा है। प्राकृतिक कारणों के प्याज की फसल को हानि हुई है।
Author August 21, 2015 08:05 am
प्याज के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी की वजह केंद्र और राज्य सरकार में तालमेल की कमीदिन के भीतर अफगानिस्तान से सिर्फ एक ट्रक प्याज आयात होकर दिल्ली आया है। इस व्यापारी ने बताया कि यदि दोनों सरकारों में तालमेल होता तो जो खरीद व्यापारी करने की सोच रहे हैं, वह सरकारें कर सकती थीं। दिल्ली के प्याज व्यापारियों का मानना है कि इस समय जो प्याज फुटकर बाजार में 60 रुपए किलो की दर से बिक रहा है, आगामी दिनों में उसकी कीमत 100 रुपए को छू सकती है।

प्याज के दाम बढ़ रहे हैं और प्याज अखबारों के पेज तीन के बाद अब पेज एक पर छा रहा है। प्राकृतिक कारणों के प्याज की फसल को हानि हुई है।

जनता की नाराजगी से हर सरकार परेशान है। केंद्र सरकार विदेश से प्याज मंगवा रही है। पाकिस्तान को रोज कोसने वाले, पाक से लोहा लेने वाले वहां का प्याज खाने में कोई संकोच नहीं कर रहे। प्याज कोई बुनियादी और अनिवार्य खाद्य नहीं है जिसके बिना गुजारा न हो सके।

वह स्वाद बढ़ाने के लिए है और उपज कम होने से जनता को धैर्य रख कर प्याज का त्याग करना चाहिए। स्वाद के लिए टमाटर, मिर्च आदि से काम चलाया जा सकता है। नवरात्र में प्याज छोड़ कर ‘पुण्य’ कमाने वाले कम उपज के दिनों में भी प्याज छोड़ पुण्य कमा सकते हैं।

जीवन मित्तल, मोती नगर, दिल्ली

 

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  1. V
    VIJAY LODHA
    Aug 21, 2015 at 1:42 pm
    राहर दाल को कैसे भूल गए,बन्दानवाज..!६० रूपये किलो की दाल भी तो १५० रु हो गई है.कोई समझाए विकास की यह कौन से बानगी है.....!!
    (1)(0)
    Reply
    1. R
      rakesh
      Aug 22, 2015 at 5:04 pm
      I agree with you dal jaroori hi pyaj nahi
      (0)(0)
      Reply