ताज़ा खबर
 

शाकाहार की ओर

एक किलो मांस उत्पादन में शाकाहार की अपेक्षा अड़तालीस गुना पानी लगता है।
Author June 28, 2017 04:53 am
विश्व पृथ्वी दिवस पर शुक्रवार को ब्यावर में पृथ्वी को बचाने का संदेश देते बच्चे।

 

किदांबी की उपलब्धि
किदांबी श्रीकांत ने आॅस्ट्रेलियन ओपन बैडमिंटन सुपर सीरीज का पुरुष एकल खिताब जीत कर सभी भारतीयों को गौरवान्वित किया है। फाइनल में किदांबी ने चीनी खिलाड़ी चेन लोंग को हराया। किदांबी की जीत की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इस मुकाबले को दो सेट से लंबा नहीं खिंचने दिया। 46 मिनट तक चले संघर्ष में उन्होंने 22-20, 21-16 के स्कोर से खिताबी जीत अपने नाम कर ली। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के साथ यह समस्या रही है कि वे शुरुआती पहला और दूसरा सेट तो काफी दमखम से खेल कर बढ़त बना लेते हैं लेकिन आगे के सेटों में पिछड़ जाते हैं। कुछ लोग इसकी वजह भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों में दमखम की कमी बताते हैं। खैर, जो हो, किदांबी श्रीकांत इस समय बहुत शानदार फार्म में चल रहे हैं।
पिछले कई सालों से चीनी बैडमिंटन खिलाड़ियों को हरा पाना भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक मुश्किल चुनौती रहा है। लेकिन किदांबी का आत्मविश्वास फिलहाल काफी ऊंचा है और बड़े से बड़े खिलाड़ी को हरा कर अपनी योग्यता लगातार साबित करते जा रहे हैं। यह भारतीय पुरुष बैडमिंटन के शानदार भविष्य के लिए अच्छी बात है।
’नितीश कुमार, मऊ, उत्तर प्रदेश

शाकाहार की ओर
दिसंबर 2015 के पेरिस जलवायु सम्मेलन में दुनिया भर के लोगों से मांसाहार कम करने की अपील की गई थी। उसमें ‘मांस-रहित सोमवार’ का प्रस्ताव पारित किया गया था। कुल 195 देशों यानी संयुक्त राष्ट्र की सदस्य संख्या 193 से भी दो ज्यादा देश, वहां उपस्थित थे। सबने इस प्रस्ताव को स्वागत-योग्य बताया था। यूरोप-अमेरिका के कई देशों में इस पर अमल भी शुरू हो चुका है। चीन ने तो सबसे आगे बढ़कर अपने नागरिकों को सलाह दी कि वे अपना मांसाहार आधा करें। चीन में प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक मांस खपत तिरसठ किलोग्राम से घटा कर लगभग तीस किलोग्राम पर ले आने की कोशिश हो रही है।
इस सारी कवायद के पीछे पर्यावरणीय चिंताएं हैं। एक किलो मांस उत्पादन में शाकाहार की अपेक्षा अड़तालीस गुना पानी लगता है। इसके अलावा मांस के लिए पाले जाने वाले जानवर बड़ी मात्रा में ग्रीनहाउस गैसें उत्सर्जित करते हैं। उनके द्वारा छोड़ी जाने वाली कार्बन डाइआॅक्साइड और मीथेन गैसें कुल वैश्विक उत्सर्जन का 14.5 प्रतिशत हैं, जो दुनिया भर के वाहनों से फैलाए जा रहे प्रदूषण से अधिक है। इसलिए अब जरूरी है कि मांसाहारी, शाकाहार की ओर बढ़ें।
’अजय मित्तल, मेरठ

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग