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चौपाल: समान शिक्षा

संघ के 91वें स्थापना दिवस पर मोहन भागवत की टिप्पणी ‘देश में शिक्षा सस्ती होनी चाहिए’ स्वागतयोग्य है।
Author October 14, 2016 04:33 am
राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ(आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत। (Photo:ANI)

संघ के 91वें स्थापना दिवस पर मोहन भागवत की टिप्पणी ‘देश में शिक्षा सस्ती होनी चाहिए’ स्वागतयोग्य है। पर भागवतजी, आपकी सरकार तो शिक्षा का निजीकरण करने पर तुली हुई है। सरकारी स्कूलों की दशा किसी से छिपी नहीं है। निजी क्षेत्र मुनाफा कमाने के लिए शिक्षा की दुकानें खोले बैठा है। राज्य अपनी कल्याणकारी भूमिका से संबंधित योजनाओं /जिम्मेदारी से दूर भाग रहा है। एक कल्याणकारी राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन सर्वसुलभ होने चाहिए। क्या ही अच्छा हो यदि शिक्षा सस्ती होने के साथ-साथ एकसमान हो। इससे भारत की तकदीर ही बदल जाएगी। उच्च वर्ग तो अपने बच्चों को महंगे निजी स्कूलों में दाखिला दिला देता है मगर गरीब परिवारों के बच्चे, जिन्हें दो जून की रोटी भी नसीब नहीं, उनके लिए अच्छी शिक्षा सपना है।
’वेदप्रकाश, गुडगांव

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