June 24, 2017

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नापाक इरादे, गोरक्षा की आड़, हताशा का स्वीकार

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को ‘रॉ’ का एजेंट बताकर मौत सजा सुना दी।

Author April 12, 2017 05:35 am
वीडियो से निकाली गई कुलभूषण जाधव की तस्वीर।

नापाक इरादे
पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को ‘रॉ’ का एजेंट बताकर मौत सजा सुना दी। यह पाकिस्तान की षड्यंत्रकारी फितरत तथा झूठ का एक और उदाहरण है। जो देश हमेशा झूठ के सहारे चलता आया है वह किसी भी हालात में कुलभूषण जाधव के प्रति इंसानियत दिखाएगा, ऐसा नहीं लगता है। वह जाधव की पूर्व नियोजित हत्या के लिए तैयार नजर आ रहा है। भारत को इस मामले में पाकिस्तान की हर तरह से घेरेबंदी करके अपने निर्दोष नागरिक के प्राणों की रक्षा करनी चाहिए।
’जयेश राणे, मुंबई, महाराष्ट्र

गोरक्षा की आड़

हमें बचना होगा ऐसे फर्जी संगठनों से जो गोरक्षा के नाम पर लोगों को मारने का काम करते हैं। गाय को बचाते-बचाते किसी इंसान को मार दें, यह अधिकार आखिर इन गोरक्षकों को किसने दिया? नौबत यहां तक आ गई कि खुद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को भी कहना पड़ा कि गोरक्षकों को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जो हिंसक हो। लेकिन हर बार उन्मादी भीड़ गोरक्षा के नाम पर किसी इंसान की बलि चढ़ा देती है। इसका उदाहरण हम अलवर में देख चुके हैं। गोरक्षा कानून की मांग कर रहे लोगों को अब गोरक्षकों द्वारा की जा रही हत्या के खिलाफ भी कानून बनाने की मांग करनी चाहिए।
’योगेंद्र मिश्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय

हताशा का स्वीकार

जब से उत्तर प्रदेश में भाजपा को भारी बहुमत से जीत मिली है, लगभग सभी विपक्षी दल ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी होने की शिकायत कर रहे हैं। सोमवार को इन दलों ने चुनाव आयोग जाकर मतपत्र के जरिए चुनाव कराने की मांग की। इन दलों के नेता मानने को तैयार ही नहीं हैं कि भाजपा को यह जीत जनता के वोटों से मिली है, न कि मशीन की गड़बड़ी से। एक तरह से तो ये नेता जनादेश को स्वीकार न करके जनता का ही अपमान कर रहे हैं।
उधर आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने तो चुनाव आयोग को ही सीधे-सीधे अपराधी घोषित कर दिया है। केजरीवाल का कहना है कि चुनाव आयोग धृतराष्ट्र की भूमिका निभा रहा है जो हर हाल में अपने बेटे दुर्योधन यानी भाजपा को जिताना चाहता है। ये वही केजरीवाल हैं जो दिल्ली विधानसभा के चुनाव में 67 सीटें मिलने पर इसे जनता का आदेश बता रहे थे। तब ईवीएम मशीन में इन्हें कोई गड़बड़ी नजर नहीं आ रही थी। चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था पर इल्जाम लगाने से केजरीवाल की अपनी हताशा ही प्रकट हो रही है।
’बृजेश श्रीवास्तव, गाजियाबाद

कौन हैं कुलभूषण जाधव? जानिए क्या हैं उन पर आरोप

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First Published on April 12, 2017 5:35 am

  1. S
    sidheswar misra
    Apr 13, 2017 at 9:15 am
    धर्म
    Reply
    सबरंग