December 05, 2016

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फैसले का असर

जो लोग बैंक खातों से व्यवहार नहीं करते, सारा लेनदेन नगद करते हैं, उनमें ज्यादातर हिस्सा छोटे कारोबारियों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों का है।

Author November 10, 2016 04:07 am
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी 2000 का नया नोट। (फोटो- ट्विटर)

पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट बंद करने का कालेधन पर कितना असर होगा, इसका पता तो बाद में चलेगा पर इस निर्णय का सबसे पहला असर स्त्रीधन पर होगा। हमारे देश में महिलाएं परंपरागत तौर पर बचत की आदी रही हैं। वे लेन-देन में कुछ न कुछ राशि की बचत जरूर कर लेती हैं और ऐसे समय में जब घर वालों के सामने कोई आफत आती है और किसी के पास रकम नहीं होती तो उनकी यह गुलक काम आती है। यह अज्ञात और अनुमानित राशि अगर 500 और 1000 रुपए के नोटों से बचाई गई है तो सामने ओगी।

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दूसरा असर उन किसानों पर पड़ेगा, जो पूरी तरह नगद में व्यवहार करते हैं। ऐसे किसान जो पहले से कर्ज में दबे थे और बेबसी में आत्महत्या तक कर रहे हैं पर ऐसे किसान जो बड़ी जोत के मालिक हैं और संपन्न है, वे बड़ी मात्रा में नगदी घर पर ही रखते रहे हैं। उन्हें अब यह राशि यदि 1000 व 500 के नोटों में संचित है, तो उजागर करनी होगी। जो लोग बैंक खातों से व्यवहार नहीं करते, सारा लेनदेन नगद करते हैं, उनमें ज्यादातर हिस्सा छोटे कारोबारियों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों का है। उनके सामने भी निश्चित ही संकट है।

’रामचंद्र शर्मा, तरुछाया नगर, जयपुर

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First Published on November 10, 2016 4:07 am

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