ताज़ा खबर
 

चौपाल: इनका पोषण, केवल उम्मीद

अलगाववादियों को वर्षों से हमारी सरकारें किस विवशता के तहत सुरक्षा मुहैया करती रही हैं, यह आज तक समझ नहीं आया।
Author February 21, 2017 05:34 am
कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी। (Photo:PTI)

इनका पोषण
जो अलगाववादी हैं, देश-विरोधी गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं, देश के संविधान में विश्वास नहीं करते, कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग नहीं मानते, आए दिन देश विरोधी धरने-प्रदर्शन आदि करते हैं उन्हें वर्षों से हमारी सरकारें किस विवशता के तहत सुरक्षा मुहैया करती रही हैं, यह आज तक समझ नहीं आया। इनकी सुरक्षा और अन्य सुविधाओं पर राजकोष से करोड़ों की राशि हर वर्ष सरकार खर्च करती है। इनके होटल में ठहरने के खर्चे, यात्रा व्यय, चिकित्सा व्यय, घर परिवार, आवास की सुरक्षा आदि का खर्चा सरकार हमारे करों के पैसे से उठाती है। समय आ गया है जब इन अलगावादियों को दी जाने वाली अनावश्यक सुविधाओं का पुनर्मूल्यांकन हो।
’शिबन कृष्ण रैणा, अलवर
केवल उम्मीद
अब लगने लगा है कि देश में ‘बलात्कार’ मीडिया के लिए महज खबर और नेताओं के लिए राजनीतिक मुद्दा बन कर रह गया है। हमारे नेता सुशासन और महिला सुरक्षा की बड़ी-बड़ी बातें तो करते हैं पर इसके लिए कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाते।
महिला सुरक्षा हर चुनाव में एक आम मुद्दा होता रहा है जो कि आज तक बना हुआ है। ऐसे में सवाल है कि आज तक आपने क्या किया? आखिर क्या कारण है कि सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील मानी जाने वाली देश की राजधानी भी महिलाओं के लिए पूरी तरह असुरक्षित जगह बनती जा रही है। हर दिन महिला-उत्पीड़न के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं।
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाने वाला मीडिया भी महिला सुरक्षा के सवाल पर सिर्फ खबर तक सीमित रहता है। उसके लिए या तो चुनावी रिपोर्टिंग ज्यादा मायने रखती है या फिर खबरों की रोचकता। खैर, अवाम को तो हमेशा उम्मीद रहती है कि शायद कुछ ठीक हो जाए। अब इंतजार है उस समय का!
’कन्हैया लाल, जामिआ, नई दिल्ली
दोषी कौन
अखिलेश यादव पूरे उत्तर प्रदेश में यह कहते हुए घूम रहे हैं कि मोदीजी ने कहा था अच्छे दिन आएंगे, पर नहीं आए। वे जनता को जोर-शोर से समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि यूपी में अच्छे दिन न आने के लिए मोदी जिम्मेदार हैं। जब पांच वर्षों से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हैं तो सूबे के मुखिया होने के नाते वहां की बदहाली और पिछड़ेपन के लिए तो वे खुद जिम्मेदार हैं, मोदी नहीं। इतनी सरल बात मुख्यमंत्री और उनके सलाहकारों को अवश्य पता होगी। तो क्या ये लोग जनता को एकदम मूर्ख समझते हैं जो अपनी विफलता का दोष मोदी के सर मढ़ कर फिर से सरकार बनाना चाहते हैं?
अखिलेश यादव को चाहिए कि ईमानदारी से अपनी विफलता को स्वीकार करें। जनता अब बहुत समझदार हो चुकी है, वह किसी के झांसे में आने वाली नहीं।
’बृजेश श्रीवास्तव, गाजियाबाद

 

बुंदेलखंड: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- "SCAM का मतलब सपा, कांग्रेस, अखिलेश और मुलायम"

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.