June 24, 2017

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चुनावी सूरत, अपनी भाषा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक करीब 12 किलोमीटर का मेगा रोड शो किया।

Author April 19, 2017 05:13 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। ( Photo Source: File)

चुनावी सूरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक करीब 12 किलोमीटर का मेगा रोड शो किया। भारी संख्या में उपस्थित लोग मोदी की एक झलक पाने के लिए उत्सुक थे। शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। इस साल के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके पूर्व मोदी का यह मेगा शो बहुत अहम माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जबर्दस्त जीत के बाद अब गुजरात में भाजपा ने मोदी के मेगा शो से चुनाव प्रचार का आगाज कर दिया है। दक्षिण गुजरात पाटीदारों का गढ़ माना जाता है और दो साल से चल रहे पाटीदार आंदोलन से तहसील और पंचायत चुनाव में भाजपा को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए भाजपा हाइकमान किसी भी प्रकार का जोखिम मोल नहीं लेना चाहता है। नाराज पाटीदारों ने सत्तारूढ़ भाजपा से आरक्षण की मांग कर अनेक बार आंदोलन कर उसका बहिष्कार करने की धमकी दी है। पाटीदार गुजरात में 18 प्रतिशत हैं। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किरण अस्पताल का उद््घाटन मोदी के हाथों हुआ जिसमें बड़ी संख्या में पाटीदार उपस्थित थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी हर हाल में आरक्षण की मांग को लेकर सड़क पर उतरे पाटीदारों को मना लेंगे। पच्चीस वर्ष से कांग्रेस गुजरात में सत्ता से बाहर है। जनसंघी और कांग्रेस के कद्दावर नेता शंकरसिह वाघेला ने पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भेंट की थी। अगर वाघेला भाजपा में शामिल होते हैं तो कांग्रेस के लिए और बुरे दिनों की शुरुआत होगी और गुजरात में भी कांग्रेस की वही स्थिति होगी जो उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में हुई थी।
’कांतिलाल मांडोत, सूरत
अपनी भाषा

आजादी के इतने सालों बाद भी हम सब पर अंग्रेजी भाषा का ज्यादा प्रभाव है। ज्यादातर नेता, अभिनेता और मशहूर लोग अंग्रेजी में बोलना पसंद करते हैं। ऐसा माहौल बना हुआ है कि हिंदी बोलने-लिखने वाला तो पिछड़ा हुआ है और अंग्रेजी में बोलने वाला ही विद्वान और प्रभावशाली व्यक्ति हो सकता है! लेकिन अब आधिकारिक भाषाओं को लेकर बनी संसदीय समिति की उस सिफारिश को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वीकार कर लिया है, जिसमें कहा गया है कि अगर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत मंत्री और अधिकारी हिंदी बोल और पढ़ सकते हैं तो उन्हें हिंदी में ही भाषण देना चाहिए। इससे हम उम्मीद कर सकते हैं कि आने वाले दिनों में सभी लोग हिंदी में भाषण देंगे तो राष्ट्रभाषा के प्रति हमारा सम्मान बढ़ेगा और अंग्रेजी की गुलामी से मोह भंग होगा।
’बृजेश श्रीवास्तव, गाजियाबाद

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First Published on April 19, 2017 5:13 am

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