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चौपाल: भाषा का प्रश्न

प्रश्नपत्रों की पाद-टिप्पणी में साफ लिखा रहता है कि विवाद की स्थिति में अंग्रेजी पाठ को ही सही माना जाए।
Author September 15, 2016 04:10 am
हिन्दी।

आज भी संघ लोक सेवा आयोग या फिर हिंदी क्षेत्रों के विश्वविद्यालयों के प्रश्नपत्र अंग्रेजी में बनते हैं और उनके अनुवाद हिंदी में होते हैं। इन प्रश्नपत्रों की पाद-टिप्पणी में साफ लिखा रहता है कि विवाद की स्थिति में अंग्रेजी पाठ को ही सही माना जाए। यानी हिंदी विद्वानों का देश में टोटा पड़ गया है जो उनसे प्रश्नपत्र नहीं बनवाए जाते! विज्ञान अथवा टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों की बात तो समझ में आती है मगर कला और मानविकी से जुड़े विषयों के प्रश्नपत्र तो मूल रूप से हिंदी में बन ही सकते हैं।
’शिबन कृष्ण रैणा, अलवर

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