संपादकीय

  • कैसी मेहरबानी

    जब भी निजीकरण की वकालत की जाती है तो अक्सर सरकारी विभागों के भ्रष्टाचार का हवाला दिया जाता है। मगर इस बात पर शायद ही कोई चर्चा होती है...

  • सर्वेक्षण के संकेत

    हर साल आम बजट से एक रोज पहले सरकार की ओर से संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने की परिपाटी रही है। मोटे तौर पर...

  • प्रभु का पिटारा

    भारतीय रेलवे देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन सेवा है। इसलिए इससे ढेर सारी उम्मीदें जुड़ी रहती हैं और रेल बजट के समय वे परवान चढ़ी होती हैं। स्वाभाविक...

  • उम्मीदवारी का घपला

    हाल में राजस्थान में हुए पंचायत चुनावों को लेकर संवैधानिक सवाल तो पहले से ही उठ रहे थे, अब इन चुनावों की एक और असलियत जो सामने आई है...

  • विरोधों का सामंजस्य

    भारतीय जनता पार्टी और पीडीपी ने काफी ऊहापोह और कई दौर की आपसी बातचीत के बाद आखिरकार जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए गठजोड़ का एलान कर दिया। यह...

  • बेतुके बोल

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत की मदर टेरेसा के बारे में की गई टिप्पणी पर स्वाभाविक ही देश भर में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। मदर की स्थापित...

  • अवकाश की पहेली

    अन्य लोगों की तरह राजनीतिकों को भी कुछ समय के अवकाश की जरूरत हो सकती है। पश्चिम में तो नेताओं का छुट्टी पर जाना आम...

  • महबूबा मुफ्ती-अमित शाह ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम को दिया अंतिम रूप

    इतिहास में पहली बार जम्मू-कश्मीर में भाजपा के सरकार में आने का रास्ता साफ हो गया है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने न्यूनतम साझा...

  • आंदोलन की भूमि

    अण्णा हजारे ने एक बार फिर दिल्ली के जंतर मंतर से हुंकार भरी है। इस बार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ। उनके इस आंदोलन को काफी समर्थन भी मिलता...

  • सेंधमारी की कड़ियां

    सरकारी दस्तावेजों के लीक होने की घटनाएं पहले भी कभी-कभार हुई हैं। लेकिन दिल्ली पुलिस ने जिस कांड का भंडाफोड़ किया है वह दो खास...