दुनिया मेरे आगे

  • विकास का सपना

    हाल ही में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ इथियोपिया की राजधानी आदिस अबाबा में सिविल सोसाइटी संगठनों के एक बैनर के तहत आयोजित सम्मेलन में...

  • अंधेरी राह

    छह साल बाद गांव गया था। इतने दिनों में काफी कुछ बदल गया है। सीतामढ़ी का छोटा-सा रेलवे स्टेशन अब बड़ा बन गया है। सीतामढ़ी...

  • गांधी का नाम

    मौसमी बुखार को ‘वायरल’ भी कहते हैं। यानी ऐसा बुखार, जिसके एक से दूसरे व्यक्ति में फैलने का डर रहता है। मगर अब भाषण भी...

  • कांटों के बीच

    एक रात सपने में देखा कि मेरी अचानक मौत का समाचार सुन कर मेरे बच्चे अपने-अपने काम से थोड़ी मोहलत लेकर मेरे गांव के पुराने,...

  • परिधान के प्रतिनिधि

    विष्णु नागर कोई क्या पहनता है, क्या नहीं, यह उसका व्यक्तिगत मामला है। नैतिकता के ठेकेदारों को हमेशा ठेंगा दिखाते रहना जरूरी है, जिनमें से...

  • मेरी कमाई

    राजकिशोर जब से मैंने सांस्थानिक नौकरियां छोड़ीं या कुछ छूट गर्इं, तब से मेरी कमाई मुख्यत: पत्र-पत्रिकाओं और पुस्तकों से ही होती रही है। मेरी...

  • भाषा के सेतु

    गिरिराज किशोर डॉक्टर प्रजापति प्रसाद साह आइआइटी, कानपुर में अंगरेजी के प्रोफेसर थे। हाल ही में जब उनका निधन हुआ तो उस वक्त वहां केवल...

  • जिंदगी की किताब

    प्रतिभा कटियार विद्यालय यानी इंसानियत के पाठ पढ़ने, व्यक्तित्व के खुलने और खिलने की जगह… शरारतों की आजादी, पढ़ने-लिखने के प्रति प्रेम पनपने की जगह।...

  • विकास की परिधि

    अजय के. झा सतत विकास लक्ष्यों के लिए वित्त पर बात करने के लिए तेरह से सोलह जुलाई तक इथियोपिया की राजधानी आदिस अबाबा में...

  • जोड़े दिलों को

    कुछ समय पहले ‘जिंदगी’ टीवी चैनल पर एक धारावाहिक देखते हुए कई बार ‘बुनियाद’ की याद ताजा हुई। 1980 के दशक के मध्य में दूरदर्शन...