दुनिया मेरे आगे

दुनिया मेरे आगे : सोशल मीडिया की माया

सोशल मीडिया पर अब जो कुछ सार्वजनिक हो रहा है, उसमें सच और झूठ के बीच का अंतर कम होता जा रहा है। इसने...

दुनिया मेरे आगे : समाज का पहिया

मां एक इंसान ही है, जैसे कि पिता। उसकी भी अपनी मजबूरियां, अपने दबाव हैं, संस्कार और असुरक्षा हैं। सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों की वजह से...

दुनिया मेरे आगे : ढलती सांझ का दुख

मेरी नजरें लगातार उन्हें ढूंढ़ रही थीं। अपनी बात रखते हुए अंत में मैंने सभी वृद्धों का अभिवादन किया। मेरी बातें शायद कुछ ज्यादा...

दुनिया मेरे आगेः किसके सपने

अरसा पहले एक गीत में एक बच्चा अपनी मां से कहता था कि वह गोली चलाना सीखेगा, क्योंकि उसे लीडर नहीं, फौजी अफसर बनना...

दुनिया मेरे आगेः असल जीवन का अक्स

अपने स्कूली जीवन के दौरान देखी हुई एक फिल्म याद आती है जिसमें अभिनेत्री रेखा पुलिस अधिकारी की भूमिका में हैं और अपराधियों से...

नई सुबह की ओर

नशे के लिए किसी आदत का बचाव करते हुए कई बार हम परेशान तो होते हैं, लेकिन नहीं चाहते हैं कि हमारे बच्चे भी...

आधुनिकता के बरक्स

बाल विवाह का सबसे बड़ा कारण लिंगभेद और अशिक्षा है। जाहिर है, इसमें लड़कियों का कमतर या दोयम सामाजिक रुतबा और उन्हें आर्थिक बोझ...

परीक्षा के पाठ

आमतौर पर विद्यार्थी उन किताबों या नोट्स की जुगत में लगे रहते हैं जो उस विषय से संबंधित हैं जिसे उन्होंने वर्ष भर नहीं...

गुमशुदा उम्मीद

अपने जीवन की जड़ों को सींचने को लेकर हमें कोई जरूरत महसूस नहीं होती। हमारे समय में हमारे लोकतंत्र का दीपक अपनी जगह से...

दुनिया मेरे आगेः सफर की दिशा

आज भी भारत के अतीत को याद करते हुए सबसे ज्यादा मानवीय मूल्यों और चरित्र का ही संदर्भ आता है। ऐसी बातें भी आमतौर...

दुनिया मेरे आगेः धूप धड़ी की सुइयां

एक दौर था जब वक्त को ‘पहर’ के जरिए आंका जाता था। बहुत सारे लोगों ने रेतघड़ी देखी होगी, जिसमें शीशे की एक डमरूनुमा...

शोषण के औजार

एक ओर बाजार जहां ग्राहक की संतुष्टि का दावा करता है, वहीं वह कामगार के मौलिक अधिकार को हाशिये पर धकेल कर खुद को...

दरकते रिश्तों का नेपथ्य

एक सर्वे के अनुसार परिवार न्यायालयों में दिल्ली और दूसरी जगहों पर प्रतिवर्ष तलाक के मामले बढ़ रहे हैं। लेकिन अफसोस तब होता है...

बिखरता बचपन

बच्चों को जहां पढ़ाई, खेल, स्कूल बैग और दोस्तों के बारे में सोचना था, वहां अब वे रिश्ते, धन और संबंधों के मसलों पर...

सबलीकरण के सामने

केरल के सबरीमाला मंदिर में मासिक धर्म के आयुवर्ग की महिलाओं का प्रवेश वर्जित है। यह कितना हास्यास्पद है, खासकर उस देश के लिए,...

अभिव्यक्ति के आयाम

विचार और मन के भाव लिखते हुए कभी यों ही सभी आवरण को समेत कर रख देना, एक बेहद विशुद्ध अहसास है।

मशीन कौन

अगर व्यक्ति समय से आना चाहे तो दुनिया की कोई ताकत उसे ऐसा करने से नहीं रोक सकती! व्यक्ति कितना झूठा हो गया है!

सपनों से परे

मां-बाप धन कमाने की मशीन बन गए हैं। बच्चों को शीर्ष पर पहुंचाने की चाहत में वे इस बात से बेखबर हैं कि उनके...

अमूर्तन की रचना

कला की अभिव्यक्ति और उसे देखने की लगन मनुष्य की प्रारंभिक समझ और सोच से जुड़ी एक सहज प्रक्रिया है।

फूल के कांटे

पंचफूली के हानिकारक गुणों के कारण ही हिमाचल और उत्तराखंड में इस फूल के पौधे को कुरी और छत्तियानाशी नामों से जाना जाता है।...

यात्रा के पड़ाव

तीर्थयात्राओं का उद्देश्य अब भक्ति, तप या सांसारिक इच्छाओं का त्याग नहीं रह गया है। जिस उम्र के लोग पहले तीर्थयात्राओं में कोई रुचि...

दुनिया मेरे आगेः ज्ञान और पढ़ाई

मनुष्य होने का एक सबसे प्रतीकात्मक लक्षण चिंतनशील होना है। बाकी तो जीवन, भूख, आत्मा, काम और कर्म पशुओं में भी होते हैं। चिंतनशील...

दुनिया मेरे आगेः स्वच्छता का समाज

अपने आसपास अगर हमें सबसे ज्यादा किसी चीज की जरूरत होती है, तो वह है साफ-सफाई। लेकिन इसके लिए गंदगी न फैलने देना या...

गांव की राह

बाजार को भुनाने वाले कंप्यूटर गेम्स, कार्टून चैनल, ऑनलाइन अध्ययन, आधे घंटे में होम डिलिवरी आदि के रूप में उपलब्ध आकर्षक विकल्पों को घर-घर...