दुनिया मेरे आगे

देखो वसंत आया

वसंत का तात्पर्य ही है प्रफुल्लता या प्रसन्नता। ऋषि-मुनियों ने भी वसंत की महिमा का गान किया है। संस्कृत में वसंत का प्रचुर उल्लेख...

दुनिया मेरे आगेः वर्चस्व का घेरा

कुछ समय पहले वाट्सऐप पर तलाक देने का एक मामला सामने आया, जिसने एक बार फिर पुरुष वर्चस्व के औजार से महिलाओं की पीड़ा...

दुनिया मेरे आगेः दरकता भरोसा

कुछ समय पहले एक मित्र ने कहा कि तुम अपनी बेटी को क्रेच में क्यों नहीं रखती हो! उनका आशय था कि मैं घर...

दुनिया मेरे आगेः प्रकति बनाम आस्था

बुराड़ी और संतनगर से सटा भाग उत्तरी दिल्ली का वह हिस्सा है, जहां यमुना अपने सबसे साफ और खूबसूरत रूप में नजर आती है।...

दुनिया मेरे आगेः द्वंद्व की दीवारें

‘अचानक’ एक अजीब शब्द है! अक्सर जो घटनाएं हमें अचानक लग रही होती हैं, कोई और उन घटनाओं को अंजाम देने के लिए पूरी...

भ्रम के विज्ञापन

अब टीवी देखा जाए या इंटरनेट पर कोई आॅनलाइन वीडियो, पहले विज्ञापन ही दिखाई देता है। कई बार ऊबने के बावजूद ऐसा लगता है...

आभासी दुनिया के लोग

अब आभासी दुनिया में विचरण करने वाले बच्चे हैं। कायदे के खाते-पीते घरों में कंचे खेलने वाले, धूल से लिपटे, कीचड़-पानी में सने बच्चे...

सही रास्ते की तलाश

निर्भया कांड जैसे हिंसा और कू्ररता के तत्त्व हमारे समाज में स्थान बना रहे हैं। क्या कभी हमने सोचा है कि ऐसी घटनाएं क्यों...

किताबों की आभासी दुनिया

यह कठिन समय है। लेखक बढ़ रहे हैं और पाठक कम हो रहे हैं। पुस्तकें समुचित संख्या में छप रही हैं, पर उनके खरीददार...

खुद से हारे तो खुदकुशी

आत्महत्या की प्रवृत्ति किस कदर बढ़ रही है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो ने 2014 में हर...

स्त्री मात्र देह नहीं

ऐसे विरले लोग होंगे, जिन्हें अपनी प्रशंसा मुग्ध न करती हो, वह भी उन परिस्थितियों में जब चारों ओर ऐसे लोगों की भरमार हो,...

आस्था का सागर

भारत एक धर्म प्रधान देश है। यहां आस्था प्रकट करने के अनगिनत अवसर आते हैं। खासकर दीपावली के बाद कथा, पुराण और भक्ति संध्या...

भाषा के प्रश्न

पिछले दिनों आकाशवाणी के अस्थायी उद्घोषकों की स्वर-परीक्षा में निर्णायक के रूप में शामिल होने का अवसर मिला। इस स्वर-परीक्षा में एक प्रश्नपत्र भी...

दुनिया मेरे आगेः सपनों का बोझ

इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए मैं एक छोटे शहर से दिल्ली आई थी। साहित्य में एमए के...

बेरंग सपने

दरवाजे की घंटी बजी और भूमि ने अंदर प्रवेश किया। रोज चहकते हुए नमस्ते कर झाड़ू उठा कर अपना काम करने वाली भूमि की...

कविता का गणित

‘सच्ची कविता’ के सच्चे प्रभाव को रेखांकित करते हुए बालकृष्ण भट््ट ने एक ऐसी ‘चोट’ से अवगत कराया है, जो कोई कविता पढ़ या...

अंकों में बदलता आदमी

हमारा समाज और भाषायी परिवेश बहुत तेजी से बदल रहा है। ज्ञान और सूचना को भोजपत्र, पेपाइरस, ताम्रपत्र, क्ले टेब्लेट्स आदि पर दर्ज करने...

विज्ञान में कहानी

पृथ्वी की सुरक्षा के लिए भारतीय ज्ञानियों की निरंतरता का अद्भुत उदाहरण अनायास जयंत विष्णु नार्लीकर की इस रोचक विज्ञान कथा में नियोजित हो...

समय की टिक टिक

एचएमटी का बुरा समय सन 2000 से ही शुरू हो गया था। लेकिन सरकारों के अतुल्य भारत से लेकर अच्छे दिन के दावे को...

सभ्यता की धरोहर

इतिहास के गर्भ से चलता आया संघर्ष वर्तमान में जवान हो रहा है। हिमाचल के कल्पा में एक पुराने बौद्ध मंदिर की दीवारों पर...

रंगमंच की दीवारें

नाटक के बाहर की दुनिया में नाटककर्मी फिल्मी सितारों की तरह नहीं हुआ करते। बल्कि नाटक तो उन्हें जीवन बीमा करवाने जितना भी मुहैया...

पढ़ाई के पैमाने

सच तो यह है कि सरकारी विद्यालयों की दुर्दशा और शिक्षा के बाजारीकरण की जिम्मेदारी सरकार पर आती है। शायद इस बात का इंतजाम...

सुकून की खोज

दरअसल, जीवन को जानने के लिए आदमी को जीवन के बीहड़ में कूदना पड़ता है। हर कदम पर आगे बढ़ना पड़ता है। रुकना यहां...

बाजार के पांव

आदिवासी शिल्प को आज एक बड़ा बाजार हासिल है, लेकिन उसका कलाकार आज भी फाका करने की स्थिति में है। जाहिर है, हमें अपने...