दुनिया मेरे आगे

  • सेवानिवृत्ति के करीब

    प्रेमपाल शर्मा बड़ी विचित्र स्थिति है। सरकारी नौकरी से रिटायर मैं हो रहा हूं, हलचल आसपास हो रही है। कल एक फोन आया, कुछ दुख...

  • नॉस्टेल्जिया की कीमत

    हरजेंद्र चौधरी मेरे जन्म-ग्राम में कुछ ऐसी पुरानी परंपराएं और जगहें हैं, जो तरह-तरह की किंवदंतियों का हिस्सा रही हैं। वहां के एक पुराने तालाब...

  • सफाई के साथ

    पिछले दिनों मेरे बेटे के स्कूल में दो दिनों तक चलने वाले स्वच्छता अभियान के तहत स्कूल के बरामदे, दीवारें और कक्षाओं के पंखे आदि...

  • छोटे शहर का बड़ा आदमी

    जगमोहन सिंह राजपूत प्रोफेसर मुरारीलाल ने उनसे पूछा, ‘क्या नाम है आपका?’ वे बोले, ‘जनाब हम तो सब सब्जी वाले ही हैं, उसी नाम से...

  • असाधारण जुनून

    विष्णु नागर अपने काम के प्रति पूर्ण समर्पण के उदाहरण तो आज भी कम नहीं हैं। मगर बदनाम पुलिस महकमे की साधारण नौकरी करते हुए...

  • रागी मन की वापसी

    गोपेश्वर सिंह ‘अब आप खतरे से बाहर हैं…! इस नए जीवन का आनंद लें!’ आॅपरेशन के बाद जरूरी हिदायत के साथ अस्पताल से छुट्टी देते...

  • उम्मीद के चेहरे

    अलका आर्य महिला अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी की पुरजोर हिमायत करने वाली कवयित्री सिमिन बहबहनी से ईरान में शासन करने वाली ताकतें कितना खतरा...

  • बेटी की जगह

    विजय विद्रोही बेटी को मुंबई जाना था। टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइसेंज में महिला अध्ययन में लिखित इम्तहान और फिर साक्षात्कार होना था। इसके मद्देनजर...

  • किताब के चार कदम

    पिछले दिनों एक पुस्तक-यात्रा के सिलसिले में उत्तराखंड जाना हुआ। करनाल जनपद से विकास नारायण राय के साथ यात्रा शुरू की तो उत्तराखंड देखने से...

  • बचे वक्त में

    पेशे से भारतीय प्रशासनिक सेवा में वरिष्ठ पद, शिक्षा से इंजीनियर, मगर शौक से हिंदी साहित्य के पढ़ाकू एक मित्र ने अचानक प्रश्न उछाला कि...