चौपाल

  • किसानों की खातिर

    अप्रैल महीने की प्रतीक्षा हमारे देश के किसान बड़ी बेसब्री से इस उम्मीद में करते हैं कि उनकी फसलें खलिहान से घर तक पहुंचेंगी। लेकिन...

  • सपनों के सौदागर

    लोकसभा चुनाव 2014 में बात सिर्फ सत्ता परिवर्त्तन की नहीं थी। बात थी सपनों, आशाओं और अच्छे दिनों की। चाहे उत्तर प्रदेश हो या बिहार,...

  • काले धन पर लगाम

    भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के मुताबिक काले धन की वापसी का मुद््दा महज एक आकर्षक चुनावी जुमला था। इससे समझा जा सकता है कि इस...

  • किसानों की सुध

    तमाम औद्योगिक विकास के बावजूद आज भी भारत एक कृषि प्रधान देश है। हमारे यहां जय जवान-जय किसान का नारा खूब लगाया जाता है। चुनाव...

  • उपेक्षित कश्मीरी पंडित

    कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत-पाक वार्ता का जब-जब दौर चलता है या चलने वाला होता है तो यह मान लिया जाता है कि कश्मीर-समस्या मुख्यतया...

  • युवाओं के भरोसे

    इन दिनों अलग-अलग जगह जाकर कई युवाओं से मिलने का अवसर मिला। सभी ने देश-दुनिया को बदल देने के अपने-अपने तरीके बताए। किसी ने लोकतंत्र...

  • विकास ही विकास

    आस्तिक कहते हैं कि भगवान के अनेक रूप हैं, जो जिस रूप में देखना चाहे उसे उसी रूप में दर्शन हो जाते हैं। जिस तरह...

  • श्रमिकों से छल

    दिल्ली के श्रममंत्री गोपाल राय ने बड़े जोर-शोर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मजदूरों के वेतन में बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब अकुशल श्रमिकों के लिए...

  • क्रिकेट का हश्र

    पांच अप्रैल को रविवारी में प्रकाशित हरीश त्रिवेदी की दिलचस्प विवेचना ‘क्रिकेट और प्रेमचंद’ ने फिर साबित कर दिया कि प्रेमचंद कितने यथार्थवादी और दूरद्रष्टा...

  • ढोल की पोल

    यह सर्वविदित है कि जब कोई पार्टी सत्ता में होती है तो उसके मापदंड अलग होते हैं और जब विपक्ष में होती है तो अलग।...