चौपाल

चौपालः श्रमिकों के साथ

पिता कहते थे कि शिक्षा प्राप्त कर लोगे तो सब पा जाओगे; मैं शिक्षा नहीं पा सका, इसलिए जीवन में कष्ट है। पिता के...

चौपालः विलंबित न्याय

दो पक्षों में विवाद के बीच अक्सर सुना जाता है कि ‘मैं तुम्हें कोर्ट में देख लूंगा’। इससे साफ है कि लोगों को पूरा...

चौपालः संकट के आयाम

बाबा साहेब ने कहा था कि हमें मिली राजनीतिक आजादी बिना सामाजिक और आर्थिक समानता के अर्थहीन है। जो लोग हिंदू राष्ट्रवाद के एजेंडे...

चौपालः खतरे की दस्तक

आजकल कुछ दिनों के अंतराल पर विश्व के किसी न किसी भू-भाग में भूकम्प के झटके महसूस किए जा रहे हैं। हर साल दुनिया...

चौपालः पुलिस की छवि

देश में पुलिस तंत्र की स्थापना औपनिवेशिक समय में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए की गई थी। भले ही अंग्रेजों का मूल मंतव्य भारतीय...

चौपालः अपराध की डगर

पिछले कुछ सालों से दिल्ली में चोरी, रोड-रेज, छेड़खानी, बलात्कार, हत्या आदि जैसे संगीन अपराधों में शामिल नाबालिगों की बढ़ती संख्या डराने वाली है।...

आरक्षण के बहाने

आज आरक्षण की मांग और इसे देने का काम केवल और केवल राजनीतिक आधार और पैमानों पर हो रहा है।

सूखे का संकट

लातूर सूखे की सबसे ज्यादा चपेट में है जहां जलाशयों के आसपास धारा 144 लगा दी गई

नेट के सहारे

आज के जिस दौर में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है, देखा जाए तो इसी दौर में इंटरनेट ने राजनीति में भी बड़ा...

हिंसा के सहारे

शांतिपूर्ण आंदोलनों और जन आकांक्षाओं के प्रति सत्ता प्रतिष्ठानों की उपेक्षा, भेदभाव, अवहेलनापूर्ण दृष्टि, संवादहीनता और उससे उपजी कुंठा, निराशा व मोहभंग प्रमुख कारक...

विकास के बजाय

मानव द्वारा किए गए प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के कारण ही वैश्विक जलवायु में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है, जिसके कारण मानव सहित पूरे प्राणी...

चौपालः बेतुके बोल

शंकराचार्य की टिप्पणी पर केंद्रित ‘भय बनाम आस्था’ (संपादकीय, 13 अप्रैल) सार्थक है। यह सच है कि जैसी जटिल स्थितियां देश में आज देखने...

चौपालः विकास की बजाए

जो लोग डिजिटल इंडिया की बात करते है उन्हें शायद देश और देश के लोगों की समस्याओं के बारे में पूरी जानकारी नहीं है।...

विवाद के गुरु

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने ‘स्त्रियों द्वारा शनि पूजा करने पर बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोतरी होगी’ जैसा विवादित बयान देकर फिर बवाल खड़ा कर...

लापरवाही की आग

सरकारें मुआवजे की घोषणा करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाती हैं। हर बार ऐसी घटनाएं होती हैं, जांच समिति या आयोग गठित होते हैं।

बेपानी सरकार

देश के कई जिले भयानक सूखे की चपेट में हैं और उसी महाराष्ट्र के तीन क्रिकेट के मैदानों पर, जहां आइपीएल के मैच होने...

धूमिल अस्तित्व

खुद को तलाशने और तराशने की आवश्यकता है। खुद को इस परीक्षा रूपी अग्नि में झोंक कर हमें अखंड ज्योति के रूप में उभरने...

चौपालः न्याय की नीति

पीलीभीत फर्जी मुठभेड़ मामले में पिछले दिनों सीबीआई की विशेष अदालत ने फैसला सुनाया और अपराध में लिप्त कुल सत्तावन पुलिस वालों में से...

चौपालः नारों की सियासत

भौगोलिक सीमाएं देश का नक्शा तय करती हैं और देश के करोड़ो लोगों का संयुक्तिकरण राष्ट्र बनाता है।

वायदे पर अमल

नीतीश कुमार ने शराबबंदी का अपना वायदा ईमानदारी पूर्वक निभाया है तो यह बहुत अच्छी बात और एक स्वागतयोग्य कदम है।

सुविधा का राष्ट्रवाद

धर्मनिरपेक्ष, समतामूलक और शोषणमुक्त समाज के जिस विचार को लेकर भगत सिंह ने बलिदान दिया, आज की सरकार उसकी उलटी दिशा में जा रही...

खानपान का लोकतंत्र

कभी-कभी लगता है कि मांस खाने या न खाने से ज्यादा आपके चारों ओर का माहौल आपके अंदर की दया-करुणा को ज्यादा कंडीशन करता...

चौपालः बाजार में शिक्षा

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की फीस में भारी इजाफे का प्रस्ताव अगर अमल में आता है तो यह देश के वंचित समाज के लोगों को...

चौपालः पुनर्विचार की दरकार

सरकारी नौकरियों और पदोन्नतियों में आरक्षण की पिछले लगभग साठ सालों से चली आ रही सरकारी रीति-नीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। समय...