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इतने तरह के होते हैं होम लोन, जानिए घर खरीदने के लिए कौन सा रहेगा बेस्ट

फ्लेक्सी होम लोन में बार-बार फेरबदल की इजाजत नहीं मिलती है, लोन अवधि के दौरान सिर्फ एक बार अस्थायी से निर्धारित या निर्धारित से अस्थायी होम लोन विकल्प चुनने की इजाजत मिलती है।

आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार

अच्छा घर बनाना सभी का सपना होता है। लोग अपने इस सपने को साकार करने के लिए खूब मेहनत करते हैं, लेकिन अच्छा घर बनाने के लिए काफी पैसे की जरूरत पड़ती है। एक अाम आदमी के पास उतनी सेविंग होना बहुत ही मुश्किल है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही होम लॉन्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने घर के सपने को साकार कर सकते हैं।

अस्थायी दर वाले होम लोन
ज्यादातर लोग अस्थायी ब्याज दर वाले होम लोन लेते हैं। बैंक या दूसरे फाइनैंशल इंस्टिट्यूट्स द्वारा लिए जाने वाले इंट्रेस्ट रेट की कैल्क्यूलेशन, उनकी अपनी मूल दर की कैल्क्यूलेशन के आधार पर की जाती है। इसलिए आरबीआई की दरों में कोई परिवर्तन होने पर बैंक की मूल दर में भी परिवर्तन हो सकता है जिससे लोन के ब्याज की दर बढ़ या घट जाएगी।
फायदा और नुकसान: अस्थायी ब्याज दर वाले होम लोन, निर्धारित ब्याज दर वाले लोन से सस्ते होते हैं, लेकिन ऐसे लोन की किस्त निश्चित नहीं होती है। यह हर 6 महीने पर बदलती रहती है। इसलिए ब्याज दर बढ़ने पर खर्च चलाने में थोड़ी मुश्किल हो जाती है। निर्धारित ब्याज दर वाले होम लोन की किस्त लोन अवधि के दौरान बदलती नहीं है। ऐसे लोन की ब्याज दर आम तौर पर अस्थायी ब्याज वाले लोन से अधिक होती है।

फ्लेक्सी होम लोन
फ्लेक्सी होम लोन में निर्धारित और अस्थायी दोनों तरह के होम लोन की सुविधा मिलती है। ब्याज दरें आंशिक रूप से निश्चित होती हैं और शेष अवधि में ब्याज दरें अस्थायी होती हैं। निर्धारित और अस्थायी ब्याज दरों के लिए आवंटित राशि का चयन भी किया जा सकता है।

फायदा और नुकसान: फ्लेक्सी होम लोन बढ़ती ब्याज दरों से बचाव करते हैं क्योंकि अस्थायी लोन में पैसे को समय से पहले देकर एक निर्धारित ब्याज दर वाले विकल्प को चुना जा सकता है, और इसका उल्टा भी कर सकता है। लेकिन, बार-बार फेरबदल की इजाजत नहीं मिलती है क्योंकि लोन अवधि के दौरान सिर्फ एक बार अस्थायी से निर्धारित या निर्धारित से अस्थायी होम लोन विकल्प चुनने की इजाजत मिलती है।

जॉइंट होम लोन
माता-पिता, पति/पत्नी या भाई/बहन की इनकम को मिलाकर होम लोन की एलिजिबिलिटी बढ़ाने में काफी मदद मिलती है और एक जॉइंट होम लोन से टैक्स की भी ज्यादा बचत होती है।
फायदा और नुकसान: एक जॉइंट होम लोन के मामले में लोन चुकाने की कुल क्षमता बढ़ जाती है। इसके अलावा, धारा 80C के तहत एक जॉइंट होम लोन के लिए दिए जाने वाले ब्याज के लिए टैक्स की भी ज्यादा बचत हो सकती है, क्योंकि एक व्यक्तिगत होम लोन के लिए 2 लाख रुपये की तुलना में एक जॉइंट होम लोन पर 4 लाख रुपए तक टैक्स कटौती का फायदा मिल सकता है।

प्री अप्रूवड होम लोन
अपने होम लोन विकल्प को चुनने के बाद लोन न होने से बचने के लिए एक प्री अप्रूवड होम लोन लेने की कोशिश करें। एक प्री अप्रूवड होम लोन के मामले में बैंक भविष्य में पहले से निर्धारित समय के भीतर एक निश्चित राशि वाला होम लोन देने की मंजूरी देता है।
फायदा और नुकसान: एक प्री अप्रूवड होम लोन एक होम लोन की गारंटी नहीं देता है बल्कि इससे यह सुनिश्चित होता है कि लोन लेने के रूप में आपको अपने लोन की मंजूरी की संभावनाओं के बारे में मालूम हो जिससे अपने घर की जरूरत को पूरा करने के लिए आप बेहतर ढंग से खोजबीन कर सकें।

घर बनाने के लिए लोन: यदि आपको अपना घर बनाने के लिए पैसों की जरूरत है तो घर बनाने के लिए लोन लेना बेहतर होगा। लेकिन बैंक एकमुश्त रकम नहीं देते हैं, बल्कि टुकड़ों में पैसे देते हैं। घर बनाने के लिए लोन मिलने के बाद 12 महीने के भीतर घर बनाना शुरू कर देना चाहिए।

टॉप अप होम लोन: टॉप अप लोन आपके मौजूदा होम लोन पर लोन की रकम बढ़ाने की इजाजत देता है। यदि आप देखते हैं कि आपका होम लोन भविष्य के लिए पूरा नहीं है तो आप एक टॉप अप होम लोन ले सकते हैं। टॉप अप होम लोन पर्सनल लोन की तुलना में कम ब्याज दर पर मिलते हैं और खर्च पर कोई प्रतिबन्ध भी नहीं होता है। इसके अलावा, टॉप अप होम लोन पर वित्तीय वर्ष के दौरान दिए जाने वाले ब्याज पर टैक्स लाभ भी मिलता है।

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