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समझौता योजना के बारे में बैठक नहीं कर पाएंगे यूनिटेक के ग्राहक

उच्चतम न्यायालय ने यूनिटेक लिमिटेड के ग्राहकों द्वारा कंपनी की ओर से समझौते की प्रस्तावित योजना को मंजूर या नामंजूर करने के लिए कोई बैठक करने पर आज रोक लगा दी।
Author नई दिल्ली | November 18, 2016 22:20 pm

उच्चतम न्यायालय ने यूनिटेक लिमिटेड के ग्राहकों द्वारा कंपनी की ओर से समझौते की प्रस्तावित योजना को मंजूर या नामंजूर करने के लिए कोई बैठक करने पर आज रोक लगा दी। न्यायाधीश दीपक मिश्रा व न्यायाधीश अमिताव राय ने ‘प्रस्तावित बैठकों पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी।’ न्यायालय ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि न्यायालय के आदेशों को ‘विफल करने‘ का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही न्यायालय ने कंपनी को नोटिस जारी किया है कि ‘ऐसा संदेह है कि कंपनी न्यायालय के आदेश के उल्लंघन का प्रयास कर रही है।’ न्यायालय ने कहा है कि कंपनी के जो ग्राहक राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग व उच्चतम न्यायालय के स्तर पर सफल रहे उन्हें कंपनी से उनका पैसा वापस मिलना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने 19 अक्तूबर को कंपनी से कहा था कि वह गुड़गांव की एक परियोजना के 39 मकान कर्ताओं को 15 करोड़ रुपए की राशि लौटाए। दिल्ली उच्च न्यायालय ने विवादों में घिरी कंपनी को दो सितंबर अवसर दिया था कि वह कार्यक्रम से पीछे चल रही अपनी आवास परियोजनाओं को पूरा कर क्रेताओं को कब्जा दे सके। इसके लिए एक स्क्रो खाता खोलने और उसमें जमा पैसे का उपयोग केवल संबंधित परियोजनाओं का निर्माण पूरा करने पर खर्च करने का आदेश था।

उच्च न्यायालय ने पूरे देश में फैले ग्राहकों को प्रस्तावित योजना को मंजूर या नामंजूर करने के लिए बैठके करने को कहा था। न्यायमूर्ति सुदर्शन कुमार मिश्रा ने इसके लिए छह दिसंबर के आदेश में कहा था कि ये बैठकें 20 नवंबर को मोहाली, 27 नवंबर को चेन्नई 4 दिसंबर को गुड़गांव और 11 दिसंबर को नोएडा में रखी जाएं।

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