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चीन, जापान के शहरों से आगे न‍िकले भारत के ये चार शहर, दिल्ली नंबर वन

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को एशिया के उभरते हुए शहर का खिताब हासिल हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 2016 के मुकाबले दिल्ली की अर्थव्यवस्था साल 2021 में पचास फीसदी और बढ़ जाएगी।
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को एशिया के उभरते हुए शहर का खिताब हासिल हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 2016 के मुकाबले दिल्ली की अर्थव्यवस्था साल 2021 में पचास फीसदी और बढ़ जाएगी। वहीं भारत के अन्य कई शहरों की ग्रोथ भी अन्य एशियाई देशों के मुकाबले ज्यादा बेहतर रहेगी। ये रिपोर्ट एशियाई शहरों के पिछले पांच साल के आंकड़ों के अनुसार जारी की गई है। दरअसल ओक्सफोर्ड इकॉनोमिक ने एशिया के 30 सबसे उभरते हुए शहरों की लिस्ट जारी की है। जिसके अनुसार आर्थिक और व्यापारिक ग्रोथ एशिया में सबसे अधिक भारत के दिल्ली में होने जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार अगले पांच सालों तक एशियाई शहरों में दिल्ली का ही दबदबा रहने वाला है। गौरतलब है कि देश की राजधानी होने के साथ दिल्ली में प्रोफेशनल सर्विस सेक्टर की ग्रोथ सबसे तेज है। इसका कारण भारतीय कंपनियों पर विदेशी स्वामित्व की कम या खत्म होती सीमा से भी शॉर्ट टर्म में दिल्ली की ग्रोथ को बढ़ावा मिला है। जिससे लोगों की आय में खासा इजाफा हुआ है। वही सरकार विदेशी रिटेलर्स के साथ ही विदेशी कंपनियों से जुड़े नियम और भी लचीचे बनाती जा रही है।

जानकारी के लिए बता दें कि दिल्‍ली की प्रति व्‍यक्ति आय देश की तुलना में तीन गुना है। जहां राष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रति व्यक्ति आय 93,293 रुपए है, वहीं दिल्‍ली में यह 280,142 रुपए है। दिल्‍ली की इकोनॉमी 2015-16 में 8.34 फीसदी की दर से बढ़ी, जबकि नेशनल इकोनॉमी की ग्रोथ रेट 7.6 फीसदी थी। देश की जीडीपी में दिल्‍ली का योगदान 4.12 फीसदी है। यहां की इकोनॉमी का 82.3 फीसदी हिस्‍सा सर्विस सेक्‍टर से और 15 फीसदी इंडस्‍ट्री से आता है। यहां की इकोनॉमी इस समय अनुमानित रूप से लगभग 100 अरब डॉलर की है।

दूसरी तरफ चीन के टॉप पांच शहरों की विकास दर छह फीसदी या इसके आसपास रहने की उम्मीद है। हालांकि भविष्य में चीन के आयात में कमी की संभावना को देखतने हुए इसमें गिरावट की संभावना है। जिससे इसकी अनुमानित विकास दर 4.2 से 4.5 फीसदी रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में जापान के शहरों की हालत भी खराब बताई जा रही है। जिसकी मुख्य वजह वहां बूढ़ी होती जनसंख्या है।

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