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कॉलड्रॉप: दूरसंचार कंपनियां एक साल में लगाएंगी 1 लाख टावर

दूरसंचार परिचालकों ने एक साल के भीतर एक लाख नए टावर लगाने की प्रतिबद्धता जताई।
Author नई दिल्ली | July 25, 2016 18:39 pm
दूरसंचार परिचालक रेडियो-लिंक प्रौद्योगिकी (आरएलटी) का उपयोग कर रहे हैं जिससे उन्हें कॉल ड्राप को ढांपने में मदद मिलती है।

कॉलड्रॉप की समस्या को लेकर आलोचना झेल रहे दूरसंचार परिचालकों ने एक साल के भीतर एक लाख नए टावर लगाने की सोमवार (26 जुलाई) को प्रतिबद्धता जताई। इसमें करीब 20,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा। साथ ही उन्होंने सरकार से और स्पेक्ट्रम की मांग भी की है। दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘दूरसंचार कंपनियों ने पिछले 45 दिनों में 48,000 टावर लगाए हैं। उन्होंने 100 दिन में 60,000 टावर लगाने का वादा किया है।’ उन्होंने कहा, ‘उन्होंने एक साल की योजना को लेकर प्रतिबद्धता जतायी है। उनका प्रदर्शन संतोषजनक रहा है लेकिन सरकार चाहती है कि नेटवर्क में सुधार के बारे में ग्राहकों को अनुभव होना चाहिए।’

कॉलड्राप मुद्दे पर सरकार तथा परिचालकों के बीच यह दूसरी बैठक है। जून में दूरसंचार सचिव जे एस दीपक के साथ बैठक में 100 दिन की योजना तैयार की गयी थी। दूरसंचार मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनियों ने एक साल के भीतर एक लाख मोबाइल टावर स्थापित करने की प्रतिबद्धता जतायी है। प्रत्येक मोबाइल टावर की लागत करीब 20 लाख रुपए अनुमानित है। सिन्हा ने कहा, ‘ग्राहकों का अच्छा अनुभव केवल कॉलड्रॉप में नहीं बल्कि डेटा सर्विस में भी होना चाहिए। हम प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया पहल की सफलता के लिये जरूरी अनुभव के करीब भी नहीं पहुंचे है।’

सरकार अब तक की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए तैयारी कर रही है। एक अनुमान के मुताबिक यह नीलामी 5.66 लाख करोड़ रुपए की होगी। विभिन्न फ्रीक्वेंसी बैंड में रेडियो तरंगों के 2300 मेगाहर्ट्त बिक्री के लिएये रखे जाएंगे। दूरसंचार कंपनियों ने नये फ्रीक्वेंसी बैंड….71-76 गीगाहर्ट्ज तथा 50 गीगाहर्ट्ज (जीएचजेड) भी खोले जाने की मांग की है। मनोज सिन्हा ने परिचालकों से कहा कि स्पेक्ट्रम नीलामी सितंबर में होगी और इससे उद्योग में स्पेक्ट्रम की कमी की समस्या दूर होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के प्रस्ताव का अध्ययन कर रही है जिसका मकसद मौजूदा उपभोक्ता शिकायत निपटान प्रणाली को मजबूत करना तथा नियामक को और शक्ति प्रदान करना है। बैठक में भारती एयरटेल के भारत और दक्षिण एशिया मामलों के प्रमुख गोपाल विट्टल, वोडाफोन इंडिया के प्रमुख सुनील सूद, आइडिया सेल्यूलर के सीईओ हिमांशु कपानिया, रिलायंस जियो इंफोकॉम के प्रबंध निदेशक संजय मशरूवाला, टेलीनोर के सीईओ शरद मल्होत्रा समेत सभी दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे।

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