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कई देशों में छंटनी करेगा स्‍टैण्‍डर्ड चार्टर्ड बैंक, भारत में भी जाएंगी 10 प्रतिशत लोगों की नौकरियां

स्‍टैण्‍डर्ड चार्टर्ड बैंक इंडिया ने कॉरपोरेट और इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग डिविजन (सीआईबी) से 10 फीसदी वर्क स्पेस कम करने का फैसला किया है, जिससे कि कई कर्मचारियों की छटनी की जाएगी।
बताया जा रहा है कि बैंक के सीआईबी डिविजन में करीब 500 से 550 लोग काम करते हैं।

स्‍टैण्‍डर्ड चार्टर्ड बैंक इंडिया ने कॉरपोरेट और इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग डिविजन (सीआईबी) से 10 फीसदी वर्क स्पेस कम करने का फैसला किया है, जिससे कि कई कर्मचारियों की छटनी की जाएगी। वहीं इसका असर भारत में भी देखने को मिलेगा और भारत में 40 से 50 लोगों को नौकरी छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। बताया जा रहा है कि बैंक के सीआईबी डिविजन में करीब 500 से 550 लोग काम करते हैं। सूत्रों से पता चला है कि इससे करीब 50 लोगों को नौकरी छोड़ने के लिए कहा जा सकता है, लेकिन बैंक कुछ लोगों को दूसरे डिविजन में स्थानांतरित करने की कोशिश करेगा, जिससे कि इसका असर कम होगा और करीब 40 के आस-पास नौकरी छिन सकती है। बता दें कि सीआईबी बैंक के लिए रेवेन्यु इकट्ठा करता है।

इस फैसले से खुश एक और शख्स का कहना है कि इससे काम का डुप्लीकेशन कम होगा। वहीं लोगों का कहना है कि जब से सीमेन कूपर ने सीआईबी डिविजन के हैड का पदभार संभाला है, वो कुशल कर्मचारियों की संख्या पर बल दे रहे हैं। प्रबंधन का विचार रिलेशनशिप-ड्राइवन मॉडल लाने का है जहां एक एक व्यक्ति ही क्लाइंट से बातचीत करता है। जिन लोगों को नौकरी छोड़ने के लिए बोला जाएगा उनमे सीनियर से लेकर मिड सीनियर लेवल के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरी दुनिया में किया जाएगा और यह दूसरे मार्केट में भी हो सकता है।

ईमेल के जवाब में बैंक ने कहा है कि हम हमारे कॉरपोरेट और इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग को इफिशियेंट बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हम क्लाइंट रिलेशनशिप के बीच हमारे रिलेशनशिप मैनेजर रखना चाहते हैं और कई सुविधाएं बेहतर करना चाहते हैं और इसलिए हम इस तरह का फैसला ले रहे हैं। साथ ही ये भी कहा गया है कि हम भूमिका में डुप्लीकेशन को दूर कर रहे हैं और टैक्नोलोजी में निवेश के प्लान को सुरक्षित रखने के लिए हमारी कोस्ट मैनेज कर रहे हैं।

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