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स्नैपडील में बड़ी छटनी की तैयारी, 1000 कर्मचारियों को दिखा सकता है बाहर का रास्ता!

रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की ओर से मैनेजरों को कंपनी को 'राइट साइज' में करने के लिए करते हैं। कंपनी ने कर्मचारियों को निकाले जाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है।
Author नई दिल्ली | February 11, 2017 19:54 pm
कर्मचारियों को निकालने की तैयारी में स्नैपडील।

ई-कॉमर्स क्षेत्र की दूसरी सबसे दिग्गज कंपनी स्नैपडील अपने स्टाफ को तगड़ा झटका देने की तैयारी में है। स्नैपडील अगले 2 महीने में करीब 30 पर्सेंट स्टाफ में कटौती करेगी। कंपनी के इस कदम का काम कर रहे 1000 लोगों पर सीधे असर पड़ेगा। इसके अलावा कॉनट्रैक्ट पर काम करने वालें कर्मचारियों पर भी इसकी मार पड़ेगी। स्नैपडील भारतीय ई-कॉमर्स कंपनियों के कॉम्पिटिशन में बने रहने के लिए भारी कॉस्ट कटिंग और नए निवेशकों की कमी को दूर करना चाहती है। इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के साथ काम करने वाले दो सलाहकारों और एक एग्जीक्यूटिव ने कहा कि कंपनी की कंपनी की लॉजिस्टिक सब्सिडियरी वल्कन एक्सप्रेस के साथ काम करने वाले 5,000 ठेका कर्मचारियों में से 3,000 लोगों को नौकरी से निकाल सकती है।’

रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की ओर से मैनेजरों को कंपनी को ‘राइट साइज’ में करने के लिए कहा गया है। कंपनी ने कर्मचारियों को निकाले जाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि कंपनी की ओर से कहा गया है कि वह अपने संसाधनों के सही प्रयोग का प्रयास कर रही है। स्नैपडील एक अकेली ई-कॉमर्स कंपनी नहीं जो छंटनी कर रही है। इससे पहले हाउसिंग डॉट कॉम, फ्लिपकार्ट, पेपर फ्राई, फूड पांडा और टाइनी आउल जैसी कंपनियां भी बड़ी छंटनी कर चुकी हैं। ऐसे में पूरे ई-कॉमर्स सेक्टर के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

हाल ही में न्यूज कार्प के समर्थन वाले रीयल्टी पोर्टल प्रॉपटाइगर.कॉम ने पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत अपने 200 कर्मचारियों को पिंक स्लिप थमाई है यानी उन्हें नौकरी से निकाल दिया है। हाल में प्रॉपटाइगर ने हाउसिंग.कॉम का खुद में विलय किया था। संयुक्त इकाई में संसाधनों के महत्तम इस्तेमाल के लिए कंपनी ने यह कदम उठाया है। हाउसिंग.कॉम और प्रॉपटाइगर.कॉम और मकान.कॉम की मालिक इलारा टेक्नोलोजीज ने अपनी दीर्घावधि की कारोबारी रणनीति के तहत रणनीतिक पुनर्गठन की घोषणा की है। इसके पीछे कंपनी का मकसद भारत की सबसे बड़ी पूर्ण सेवा ऑनलाइन से ऑफलाइन रीयल एस्टेट प्लेटफॉर्म इकाई बनने का है। प्रापटाइगर.कॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ध्रुव अग्रवाल ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमने दोनों कंपनियों के परिचालन के एकीकरण को पुनर्गठन की प्रक्रिया की है।’’

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  1. R
    Rocky
    Feb 11, 2017 at 3:37 pm
    Farji company hai, no ethics, cutomer ko pareshan karne me no1. Band ho jana chahiye ese ghatiya cmpany ko.
    Reply
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