ताज़ा खबर
 

डोनाल्ड ट्रंप की खरी-खरी, तेल कीमतों में तेजी से सेंसेक्स 232 अंक टूटा

निफ्टी भी 8,154.45 अंक के स्तर तक नीचे आने के बाद अंत में 90.95 अंक या 1.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,170.80 अंक पर बंद हुआ।
Author मुंबई | December 12, 2016 18:14 pm
सोमवार (12 दिसंबर, 2016) को शेयर बाजार का हाल। (पीटीआई ग्राफिक्स)

बंबई शेयर बाजार में दो दिन से जारी तेजी के सिलसिले पर सोमवार (12 दिसंबर) को ब्रेक लगा तथा सेंसेक्स 232 अंक टूटकर 26,515 अंक पर आ गया। मिलेजुले एशियाई रुख के बीच औद्योगिक उत्पादन के कमजोर आंकड़ों तथा कच्चे तेल के ऊंचे दामों की वजह से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी टूटकर 8,200 अंक के स्तर से नीचे आ गया। निवेशक मंगलवार को जारी होने वाले खुदरा मुद्रास्फीति तथा बुधवार को आने वाले थोक मुद्रास्फीति के आंकड़ों के इंतजार में है। अमेरिका में पेशेवर कर्मचारियों के लिए वीजा नियमों पर निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खरी-खरी से आज स्थानीय बाजार में आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। भारतीय सॉफ्टवेयर एवं आईटी सेवा कंपनियां अपने निर्यात के लिए अमेरिकी बाजार पर बहुत अधिक निर्भर करती हैं। इसके साथ ही कच्चे तेल के दाम इस समय 2015 के मध्य के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। इससे पेट्रोलियम ईंधन का खुदरा कारोबार करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आई। रूस तथा अन्य गैर ओपेक उत्पादकों ने अत्यधिक आपूर्ति की स्थिति से निपटने के लिए पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के साथ उत्पादन में कटौती का ऐतिहासिक समझौता किया है। इससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। एशियाई कारोबार में बेंचमार्क ब्रेंट का फरवरी अनुबंध 2.41 प्रतिशत चढ़कर 56.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स आज दिनभर दबाव में रहा। एक समय यह 26,468.59 तक गिर गया था। अंत में सेंसेक्स 231.94 अंक या 0.87 प्रतिशत के नुकसान से 26,515.24 अंक पर बंद हुआ। इससे पिछले दो सत्रों में सेंसेक्स 510.31 अंक चढ़ा था। निफ्टी भी 8,154.45 अंक के स्तर तक नीचे आने के बाद अंत में 90.95 अंक या 1.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,170.80 अंक पर बंद हुआ। फॉरेक्स बाजार में सोमवार को अवकाश था। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में 1.9 प्रतिशत की गिरावट रही। आईटी कंपनियों में इन्फोसिस का शेयर एक प्रतिशत टूटा। विप्रो में 0.72 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, टीसीएस का शेयर 0.58 प्रतिशत लाभ में रहा। ईंधन कंपनियों एचपीसीएल, बीपीसीएल तथा आईओसी के शेयरों में बिकवाली दबाव रहा और ये 4.25 प्रतिशत तक टूट गए। सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे अधिक नुकसान में एशियन पेंट्स का शेयर रहा। यह 3.33 प्रतिशत टूट गया। एक्सिस बैंक में 2.56 प्रतिशत की गिरावट आई। अन्य कंपनियों में बजाज ऑटो 2.52 प्रतिशत, हीरो मोटोकॉर्प 2.29 प्रतिशत, टाटा मोटर्स 2.05 प्रतिशत, एमएंडएम 1.77 प्रतिशत तथा मारुति सुजुकी 1.54 प्रतिशत नीचे आए।

विभिन्न वर्गों के सूचकांकों में वाहन 1.73 प्रतिशत नीचे आया। बैंकिंग में 1.67 प्रतिशत, एफएमसीजी में 1.20 प्रतिशत तथा तेल एवं गैस में 1.14 प्रतिशत का नुकसान रहा। मिडकैप 1.11 प्रतिशत तथा स्मॉलकैप 0.73 प्रतिशत टूट गया। इस बीच, अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी कोषों ने गत शुक्रवार को शुद्ध रूप से 200.52 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। जियोजित बीएनपी परिबा फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमतों में उछाल तथा भारत में इसके मुद्रास्फीति पर पड़ने वाले असर की वजह से बाजार में गिरावट आई।’ अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग 1.44 प्रतिशत, चीन का शंघाई कम्पोजिट 2.47 प्रतिशत टूट गए। जापान का निक्की 0.84 प्रतिशत लाभ में रहा। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार ऊपर चल रहे थे। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 23 नुकसान में रहे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.