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बजट के इंतजार के बीच सेंसेक्स 194 अंक लुढ़का

निफ्टी 71 अंक गिर कर 8600 के स्तर से नीचे बंद हुआ।
Author मुंबई | January 31, 2017 18:03 pm
शेयर बाजार में मंगलवार (31 जनवरी) की स्थिति। (पीटीआई ग्राफिक्स)

आर्थिक समीक्षा में चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि अनुमान घटा कर 6.5 प्रतिशत किए जाने और बुधवार (1 फरवरी) को पेश होने वाले बजट से पहले की अनिश्चितताओं के बीच मंगलवार (31 जनवरी) को बांबे शेयर बाजार का सेंसेक्स 194 अंक लुढ़ककर 27656 और निफ्टी 71 अंक गिर कर 8600 के स्तर से नीचे बंद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कुशल विदेशी कर्मचारियों के लिए वीजा नियम सख्त करने की चर्चाओं के बीच सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया था। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो और इंफोसिस के शेयरों में 4.47 प्रतिशत तक गिरावट दिखी और बीएसई आईटी सूचकांक 2.96 प्रतिशत गिर गया। प्रौद्योगिकी कंपनियों वाले सूचकांक में 2.49 प्रतिशत गिरावट रही।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज (मंगलवार, 31 जनवरी) संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 को पटल पर रखा। इसमें सुधारों की जरूरत बताई गई है। इसमें चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 6.5 कर दिया गया है जो केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा इस महीने की शुरुआत में जताए गए 7.1 प्रतिशत से कम है। सेंसेक्स मंगलवार को 193.60 अंक यानी 0.70 प्रतिशत गिरकर 27655.96 अंक के स्तर पर बंद हुआ। यह 24 जनवरी के 27375.58 अंक के आंकड़े के बाद सबसे कम है। पिछले सत्र के कारोबार में यह 33 अंक टूटा था। इसी प्रकार एनएसई निफ्टी 71.45 अंक यानी 0.83 प्रतिशत गिरकर 8561.30 अंक पर बंद हुआ है जो दिन में कारोबार के समय 8552.40 अंक तक गिर गया था।

दिल्ली स्थित एक शेयर ब्रोकर मनोज चोररिया ने कहा, ‘आर्थिक समीक्षा निवेशकों को आकर्षित करने में विफल रही है जिन्होंने अपनी बोलियों को नीचे रखा हुआ था और अब वह बजट का इंतजार करेंगे।’ गेल, अडाणी पोर्ट, सन फार्मा, टाटा मोटर्स, कोल इंडिया, ल्यूपिन, एक्सिस बैंक और एनटीपीसी नीचे आए हैं। इसके अलावा तेल एवं गैस क्षेत्र का सूचकांक 1.64 प्रतिशत, सार्वजनिक उपक्रम क्षेत्र का शेयर सूचकांक 1.39 प्रतिशत, स्वास्थ्य क्षेत्र की कंपनियों वाला सूचकांक 1.38 प्रतिशत, बुनियादी ढांचा क्षेत्र का सूचकांक 1.31 प्रतिशत और धातु क्षेत्र का सूचकांक 1.01 प्रतिशत नीचे रहा।

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