December 07, 2016

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स्टेट बैंक को रिजर्व बैंक से सहयोगी बैंकों के विलय जल्द मंजूरी की उम्मीद

बैंकों के विलय के बाद एसबीआई एक वैश्विक मानकों की दृष्टि से बड़ा बैंक होगा और दुनिया के बड़े से बड़े बैंकों का मुकाबला कर सकेगा

Author नई दिल्ली | November 27, 2016 21:11 pm
भारतीय स्टेट बैंक (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया)

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को उम्मीद है कि उसे अपने सहयोगी बैंकों के विलय की योजना के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। सूत्रों ने बताया कि रिजर्व बैंक योजना की जांच परख कर रहा है जिसमें इसके वित्तीय, मानव संसाधन संबंधी और संपत्ति व देनदारी सबंधी मुद्दे शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि एसबीआई की ओर से उसके पांचों सहयोगी बैंकों के अधिग्रहण की विस्तृत योजना और विशेषज्ञ समिति की रपट को रिजर्व बैंक के पास जमा किया है। अभी रिजर्व बैंक की अनुमति मिलनी बाकी है। रिजर्व बैंक की अनुमति मिलने के बाद इसके सरकार को सौंपा जाएगा जो प्रस्तावित अधिग्रहण का आदेश देगी।

गौरतलब है कि स्टेट बैंक में उसके पांच सहयोगी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद एवं नए भारतीय महिला बैंक का विलय किए जाने के प्रस्ताव को सरकार ने अपनी अनुमति दे दी है। इस बीच रिजर्व बैंक ने विलय की तैयारी के लिए खातों की संख्या में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन बैंकों के विलय के बाद एसबीआई एक वैश्विक मानकों की दृष्टि से बड़ा बैंक होगा और दुनिया के बड़े से बड़े बैंकों का मुकाबला कर सकेगा। इसके 22,500 शाखाएं और 85,000 एटीएम तथा 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहक होंगे। इस समय इसकी 16,500 शाखाएं है। बैंक 36 देशों में 191 विदेशी शाखाएं चला रहा है।

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First Published on November 27, 2016 8:40 pm

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