ताज़ा खबर
 

RTI के जवाब में रिज़र्व बैंक ने कहा- कितने खातों में 2.5 लाख से ज्यादा के बंद नोट जमा हुए, पता नहीं

रिजर्व बैंक के मुद्रा प्रबंध विभाग की ओर से दायर आरटीआई अर्जी पर 17 फरवरी को इस आशय का जवाब दिया गया।
Author इंदौर/नई दिल्ली | February 21, 2017 16:15 pm
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Source: Agencies)

भारतीय रिजर्व बैंक ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर अर्जी के जवाब में कहा है कि उसके पास इस बात की जानकारी उपलब्ध नहीं है कि गत आठ नवंबर से 30 दिसंबर तक देश के कुल कितने बैंक खातों में 2.5 लाख रुपए से ज्यादा की रकम 500 और 1,000 रुपए के बंद नोटों के रूप में जमा हुई। मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने मंगलवार (21 फरवरी) को बताया कि रिजर्व बैंक के मुद्रा प्रबंध विभाग की ओर से उनकी आरटीआई अर्जी पर 17 फरवरी को इस आशय का जवाब दिया गया।

गौड़ ने रिजर्व बैंक से पूछा था कि आठ नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के बीच देश के अलग-अलग बैंकों के कुल कितने खातों में 2.50 लाख रुपए से ज्यादा मूल्य के विमुद्रित नोट जमा हुए। सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि उन्होंने आरटीआई के तहत रिजर्व बैंक से यह भी जानना चाहा था कि इस अवधि में विविध सहकारी बैंकों के कुल कितने खातों में 2.5 लाख से ज्यादा की रकम 500 और 1,000 रुपए के बंद नोटों की शक्ल में जमा हुई।

गौड़ ने कहा, ‘मेरी आरटीआई अर्जी पर इस सवाल का भी यही उत्तर दिया गया कि मांगी गयी जानकारी रिजर्व बैंक के पास उपलब्ध नहीं है।’
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने गत 17 नवंबर को कहा था कि नौ नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के दौरान बैंक खातों में कुल 2.5 लाख रुपये या इससे ज्यादा की रकम जमा कराने पर भी पैन नंबर का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। यह कदम इसलिये उठाया गया था, ताकि कोई 500 और 1,000 रुपए के बंद नोटों को 50 दिन की तय मोहलत में बैंकों में जमा कराने की आड़ में अपनी काली कमाई को सफेद न कर सके।

‘डिजिटल भुगतान’ के तहत अब तक 10 लाख लोगों को 153 करोड़ के पुरस्कार

देश में डिजिटल माध्यम से भुगतान को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई नीति आयोग की योजना के तहत अब तक 10 लाख उपभोक्ताओं और व्यावसायियों को 153.5 करोड़ रुपए के पुरस्कार दिये जा चुके हैं। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने मंगलवार (21 फरवरी) को यह जानकारी दी। नीति आयोग ने नकदी रहित भुगतान को बढ़ावा देने के लिये दो प्रोत्साहन योजनायें शुरू की हैं। ग्राहकों के लिये ‘लक्की ग्राहक योजना’ और कारोबारियों के लिये ‘डिजि-धन व्यापार योजना।’ ये योजनायें 58 दिन पहले शुरू की गईं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग