March 27, 2017

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ईपीएफओ के इस फैसले से पीएफ मनी ट्रांसफर करना हुआ और आसान, जानिए क्या है नया नियम

ईपीएफओ के मुताबिक जिनके पास यूएएन नंबर है और पहली कंपनी द्वारा उनसे जुड़ी सारी जानकारियां डिजिटली वेरिफाइड कर ली गई हैं उनको दूसरी कंपनी में ज्वाइन करते वक्त अब फॉर्म 13 नहीं भरना होगा।

Author नई दिल्ली | October 15, 2016 16:19 pm
ईपीएफओ की रिटायरमेंट फंड बॉडी ने पुराने डेक्लरेशन फॉर्म की जगह नया डेक्लरेशन फॉर्म (new Form No 11) जारी किया है।

अब नौकरी बदलेने के साथ ही आप अपना पीएफ डिपॉजिट भी आसानी से नए संस्थान में ट्रांसफर कर सकते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ डिपॉजिट ट्रांसफर के लिए नियमों में कुछ बदलाव किया है। ईपीएफओ की रिटायरमेंट फंड बॉडी ने पुराने डेक्लरेशन फॉर्म की जगह नया डेक्लरेशन फॉर्म (new Form No 11) जारी किया है। नए जगह नौकरी ज्वाइन करते वक्त इस फॉर्म में व्यक्ति को अपने पूर्ववर्ती संस्थान के बारे में सारी डिटेल्स देनी होगी। इसके आलावा ईपीएफओ ने फॉर्म 13 (एक संस्थान से दूसरे संस्थान में पीएफ के पैसे ट्रांसफर करने संबंधित) में भी बदलाव किया है। इस फॉर्म में पहले यूएएन के जरिए प्रॉविडेंट फंड ट्रांसफर किया जाता था।

यूनिवर्सल खाता संख्या (UAN) विभिन्न प्रतिष्ठानों द्वारा एक व्यक्ति को आवंटित कई सदस्य आईडी को एकछत्र करने का कार्य करेगा। इसका अर्थ यह है कि किसी व्यक्ति द्वारा कंपनी परिवर्तित करने पर जब उसकी ईपीएफ संख्या बदलती है तो UAN उन सभी पिछली कंपनियों के सदस्य आईडी को जोड़ देगा। UAN का मुख्य उद्देश्य एकल सार्वभौमिक खाता संख्या के तहत एक ही सदस्य को आवंटित कई सदस्य पहचान नंबर (सदस्य आईडी) को जोड़ना है। यदि किसी सदस्य को पहले से ही यूनिवर्सल खाता संख्या (UAN) आवंटित हो चुका है तो उस व्यक्ति को नयी संस्था से जुड़ने पर वही UAN नियोक्ता को देना होगा होगा ताकि वो नई आवंटित सदस्य पहचान संख्या (सदस्य आईडी) को चिन्हित कर सके।

ईपीएफओ की रिटायरमेंट फंड बॉडी के मुताबिक जिनके पास यूएएन नंबर है और पहली कंपनी द्वारा उनसे जुड़ी सारी जानकारियां डिजिटली वेरिफाइड कर ली गई हैं उनको दूसरी कंपनी में ज्वाइन करते वक्त अब फॉर्म 13 नहीं भरना होगा। इसके अतिरिक्त ईपीएफओ ने अपने सदस्यों के लिए कई अन्य आॅनलाइन सुविधाएं शुरू की हैं। इसके लिए ईपीएफओ ने दो लाख से अधिक ‘कॉमन सर्विस सेंटर्स’ (CSCs) से पैक्ट किया है। जल्द ही इन सर्विस सेंटर्स को ईपीएफओ और दूर संचार मंत्रालय के साथ लिंक कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा हो जाने के बाद 7.84 करोड़ यूएएन सब्सक्राइबर्स आॅनलाइन अपने ईपीएफओ अकाउंट से कई सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। ईपीएफओ ने आधार का यूएएन के साथ लिंकिंग, पेंशन धाराकों के जीवित होने संबंधित प्रमाण पत्र, केवाईसी अपलोड एंड अपडेट फैसिलिटी, यूएएन कार्ड संबंधित आॅनलाइन क्लेम सेवा को ‘कॉमन सर्विस सेंटर्स’ के जरिए एक्सेस करने का का फैसला लिया है।

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इसके अतिरिक्त कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कर्मचारियों की पेंशन स्कीम को बेहतर बनाने और ज्यादा लाभ देने के लिए पीएफ नियमों में बदलाव किए हैं। ऑनलाइन सर्विस, बीमा कवर बढ़ाना, एक साल नौकरी की अनिवार्यता खत्म, मिलता रहेगा ब्याज, न्यूनतम वेतनमान की सीमा बढ़ी व भाग-दौड़ से मिलेगी छुट्टी जैसे बदलाव किए गए हैं। बता दें कि बीमा कवर 3.6 लाख रुपए तक था जिसे अब बढ़ाकर 6 लाख रुपए कर दिया गया है। इस नियम के मुताबिक सदस्य की मृत्यु हो जाने पर उसके परिवार को 6 लाख रुपए मिलेंगे। जीवन बीमा कवर के लिए कर्मचारी को एक साल तक नौकरी करने की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया गया है।

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अब 15,000 रुपए या इससे कम वेतन पाने वाले कर्मचारी पीएफ अंशधारक बन सकेंगे। नौकरी बदलने पर आपको पीएफ खाता ट्रांसफर कराने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस जटिल प्रक्रिया को अब और भी आसान कर दिया गया है। पीएफ का बैलेंस जानने के लिए आपको बार-बार कंपनी से पूछना पड़ता था लेकिन अब ये समस्या हल हो गई है। अब कर्मचारी ऑनलाइन ही अपने पीएफ खाते की जानकारी पा सकेंगे साथ ही उन्हें पीएफ खाते में डिपॉजिट होने वाले पैसे की भी पूरी जानकारी मिलेगी।

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First Published on October 15, 2016 3:57 pm

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