December 08, 2016

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देश को मिला दूसरा ग्रीन हवाईअड्डा टर्मिनल, मोदी ने कहा- विमानन क्षेत्र के विस्तार पर जोर-शोर से काम कर रही सरकार

यह नया एकीकृत टर्मिनल 17,500 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला है और इस पर 160 करोड़ रुपए की लागत आई है।

Author वडोदरा | October 22, 2016 21:02 pm
वडोदरा के हरनी हवाईअड्डे के नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (PTI Photo/PIB/22 Oct, 2016)

विमानन क्षेत्र को लेकर पिछली सरकारों की कोई नीति नहीं होने की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार (22 अक्टूबर) को कहा कि उनकी सरकार इस क्षेत्र के विकास पर जोर-शोर से लगी है और यही वजह है कि उसने छोटे शहरों में व्याप्त संभावनाओं का दोहन करने के लिये देश की पहली एकीकृत विमानन नीति तैयार की है। प्रधानमंत्री यहां हवाईअड्डे के नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। कोच्चि के बाद यह नया टर्मिनल देश का दूसरा हरित हवाईअड्डा है। मोदी ने कहा कि निकट भविष्य में हवाईअड्डा गतिविधियों के मानकों के लिहाज से भारत दुनिया का तीसरा सबसे व्यस्त देश बन सकता है। देश के मध्यम वर्ग के अधिक से अधिक परिवार हवाई यात्रा करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश काफी बड़ा है और ‘यदि आप सोचते हैं कि केवल 80 से 100 हवाईअड्डे काफी नहीं हैं, तो हम देश की आर्थिक वृद्धि के रास्ते में अड़चन पैदा कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि यदि दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों को विमानन क्षेत्र के नक्शे में शामिल कर दिया जाता है तो देश के विकास को नया आयाम मिल सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार कई ऐसी हवाई पट्टियों और हवाईअड्डों को फिर से तैयार कर रही है जो काफी समय से इस्तेमाल में नहीं हैं। मोदी ने कहा, ‘इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार एक नई क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना लेकर आई है जिसमें 500 किलोमीटर तक की यात्रा लोग 2,500 रुपए का किराया देकर कर सकते हैं।’ मोदी ने पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए कहा, ‘इससे पहले हवाईअड्डे भी बने हैं, विमान भी उड़ते रहें हैं लेकिन देश के पास कोई विमानन नीति नहीं थी। क्षेत्र को अगले पांच से दस साल में कैसे आगे बढ़ाया जाएगा कैसे यात्रियों की देखरेख होगी उनकी जरूरतें पूरी होंगी और आम आदमी के लिए क्या किया जाना चाहिए, इससे पहले इसके बारे में कोई रणनीति नहीं थी। बस चल रहा था।’

उन्होंने कहा, ‘नई राजग सरकार के केन्द्र में सत्ता में आने के बाद स्वतंत्रता के बाद पहली बार उसने देश के लिए एक विमानन नीति तैयार की है….हम विस्तार के लिए ‘मिशन के तौर’ पर काम कर रहे हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि नई विमानन नीति क्षेत्र के विकास और उसके ग्राहकों की जरूरतों का ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा, ‘आप समझ सकते हैं कि यह क्षेत्र कितनी तेजी से विकास कर रहा है। निकट भविष्य में भारत हवाईअड्डा गतिविधियों के मामले में तीसरा सबसे बड़ा देश बन जाएगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।’

अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा परिवहन संघ के मुताबिक 2035 तक हवाई यात्रियों की कुल संख्या में होने वाली 44.20 करोड़ की वृद्धि में भारत में 32.20 करोड़ नए यात्री जुड़ेंगे। इसने यह भी कहा है कि 2026 तक दुनिया में ब्रिटेन के स्थान पर भारत तीसरा बड़ा विमानन बाजार बन जाएगा। पिछले वित्त वर्ष में देश में हवाई यात्रियों की संख्या में 21.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। यह नया एकीकृत टर्मिनल 17,500 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला है और इस पर 160 करोड़ रुपए की लागत आई है। इस टर्मिनल में अंतरराष्ट्रीय विमान यात्रियों सहित हर घंटे में 700 यात्रियों का आवागमन सुनिश्चित किया जा सकता है। इसमें 18 चेक-इन काउंटर हैं जिससे विमान बोर्डिंग प्रक्रिया आसानी से चलाई जा सकती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नया हवाईअड्डा टर्मिनल पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल है, यह ऊर्जा की बचत करेगा और इसमें कोई अपशिष्ट नहीं निकलेगा। मोदी ने कहा, ‘आज दुनिया में संपर्क काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भौतिक हो अथवा डिजिटल संपर्क, दोनों की ही जरूरत है। हमें यदि राजमार्गों की जरूरत है तो हमें सूचना मार्गों की भी आवश्यकता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसी प्रकार हवाई यातायात की भी आवश्यकता है। देश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिये हवाई सेवाओं की जरूरत है। यदि हवाई संपर्क बेहतर होगा तो अधिक पर्यटक देश में आएंगे और इसका मतलब होगा बेहतर आर्थिक वृद्धि। भारत में पर्यटन वृद्धि के क्षेत्र में व्यापक संभावनायें हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुये ही सरकार ने विमानन क्षेत्र को बढ़ावा देने का फैसला किया है।’

मोदी ने यहां स्थापित होने वाले रेलवे विश्वविद्यालय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसका असर अगली सदी में दिखेगा। ‘सरकार ने काफी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है जिसका असर 100 साल में सामने आएगा। यह निर्णय है कि देश का पहला रेलवे विश्वविद्यालय वडोदरा में बनाया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय भारतीय रेलवे में नवोन्मेष और आधुनिकीकरण में मददगार होगा। इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने कहा जब से राजग सरकार सत्ता में आई है, हवाई यातायात में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है।

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First Published on October 22, 2016 9:02 pm

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