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500 करोड़ लगा 6000 करोड़ कमाने की तैयारी में प्राधिकरण

करीब चार लाख वर्ग मीटर जमीन पर यह इमारत बन रही है। प्राधिकरण सूत्रों के मुताबिक, पहले केवल एक 450 करोड़ टेंडर निकाला गया था। ज्यादा लागत के कारण करीब 7 बार टेंडर निकालने के बाद कार्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ कर समस्या का समाधान निकाला गया। फिलहाल 96, 120, 133 और 150 करोड़ रुपये के कुल 4 अलग-अलग काम टेंडर के जरिए ठेकेदारों ने लिए हैं।
Author नई दिल्ली | February 18, 2016 01:17 am
जनसत्ता फोटो

आशीष कुमार

शहर की अब तक की सबसे बड़ी व्यावसायिक और दफ्तरी जगह की योजना नोएडा प्राधिकरण जल्द लाने जा रहा है। बॉटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास बनने वाली 23 मंजिला ऊंची इमारत के 44 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में प्राधिकरण दुकान और आॅफिस बेचेगा। इससे प्राधिकरण को करीब 6000 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है।

जबकि इमारत को बनाने पर 500 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। ढाई साल के भीतर काम को पूरा करने के लिए निर्माण कार्य 4 अलग-अलग ठेकेदारों को सौंपे गए हैं। खास बात यह है कि इस योजना से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मेट्रो परियोजना समेत अन्य विकास कार्यों में किया जाना है। इसे ध्यान में रखकर लखनऊ स्तर से इस योजना पर विशेष निगाह रखी जा रही है।

प्राधिकरण अफसरों के मुताबिक, आने वाले दिनों में बॉटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के आसपास का इलाका शहर में सबसे ज्यादा गतिविधियों का केंद्र होगा। मौजूदा स्टेशन के अलावा कालिंदी कुंज से आने वाली मेट्रो का दूसरा स्टेशन भी यहीं बनाया जा रहा है। एक्सप्रेस वे से ग्रेटर नोएडा जाने वाले ज्यादातर मुसाफिर यहीं से जाते हैं।

शहर के मिनी कनाट प्लेस के रूप में प्रख्यात सेक्टर-18 के नजदीक मेट्रो स्टेशन के पास करीब दो साल पहले बहुमंजिला कार पार्किंग और कमर्शल सेंटर बनाने का प्लान तैयार किया गया था। भारतीय विमानपत्तनम प्राधिकरण, पर्यावरणीय मंजूरी और ओखला बर्ड सैंक्चुरी के ईको सेंस्टिव जोन दायरा कम होने के बाद कुछ महीनों पहले निर्माण कार्य शुरू किया गया है।

परियोजना अभियंता एससी मिश्रा ने बताया कि यह प्राधिकरण की अब तक की सबसे बड़ी योजना साबित होगी। जिस पर शहर के विकास की गति निर्भर करेगी। एक महीने में योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी है।

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  1. B
    B
    Jun 4, 2014 at 4:35 pm
    कांग्रेस पार्टी का ऐतिहासिक लेकिन तटस्थ विश्लेषण और सोनिया गांधी के लिए अच्छी सलाह . अगर वे वास्तव में अपनी पार्टी का भला चाहती हैं - वैसे उन्हें शायद यह मालूम नहीं की उन की हठ धर्मिता से देश को कितनी हानि हुयी है .
    (0)(0)
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    सबरंग