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रिलायंस जियो के कारण ‘इंटर-कनेक्ट’ मुद्दे पर एसोसिएशन में नहीं हुई चर्चा

जियो का तर्क था कि ‘द्विपक्षी मामले’ में एसोसिएशन उसके हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
Author नई दिल्ली | December 4, 2016 21:40 pm
रिलायंस जियो 4जी। (फाइल फोटो)

दूरसंचार कंपनियों के संगठन सीओएआई ने संसदीय समिति के समक्ष कहा कि उसने ‘इंटर-कनेक्ट’ यानी (एक कॉल को दूसरे नेटवर्क पर ले जाने की सुविधा) के मुद्दे पर अपनी एक बैठक बुलाने की कोशिश की लेकिन रिलायंस जियो के रुख से ऐसा नहीं हो सका। जियो का तर्क था कि ‘द्विपक्षी मामले’ में एसोसिएशन उसके हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के चेयरमैन अनुराग सिंह ठाकुर को पत्र लिखकर कहा है कि सीओएआई ने समिति के रुख के अनुरूप ‘प्वॉइंट्स ऑफ इंटरकनेक्ट’ (पीओआई) के मुद्दे के समाधान के लिये 16 नवंबर को सभी सदस्यों की बैठक बुलायी थी। सूत्रों ने 24 नवंबर को लिखे पत्र के हवाले से बताया, ‘हालांकि 15 नवंबर 2016 को सीओएआई को रिलायंस जियो से ई-मेल मिला।

इसमें कहा गया है कि पीओआई का मामला संबंधित पक्षों के बीच का विषय है और आरजेआईएल निरंतर संबंधित परिचालकों को पीओआई की जरूरत और प्रावधान के संदर्भ में नियमित सूचना दे रही है।’ ई-मेल में लिखा गया है, ‘और मौजूदा हालात में सीओएआई के मंच पर इस मुद्दे की चर्चा उपयुक्त नहीं होगी।’ सीओएआई के पत्र के अनुसार इसके परिणामस्वरूप बैठक को स्थगित कर दिया गया। एसोसिएशन के अनुसार उसने एक बार फिर 16 नवंबर को आरजेआईएल को पत्र लिखकर अपने रूख पर पुनर्विचार करने और बैठक के लिये सहमति देने को कहा। पत्र में कहा गया था कि उद्योग संगठन सिर्फ विभिन्न परिचालकों को एक साथ लाने की कोशिश कर रहा है। पत्र के अनुसार, ‘….हालांकि एक बार फिर 17 नवंबर को आरजेआईएल ने दोहराया कि वह पीओआई संबंधित परिचर्चा सीधे संबंधित परिचालकों के साथ करेगी और सीओएआई के साथ बैठक की कोई जरूरत नहीं है। आरजेआईएल ने कहा कि सीओएआई की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है।’

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