December 10, 2016

ताज़ा खबर

 

सुप्रिया सुले ने कहा- साइरस मिस्त्री ने टाटा के नाम कर दिया था परिवार का सारा वक्त फिर भी नाकाम ठहरना गलत

सुप्रिया सुले ने कहा कि साइरस मिस्त्री ने टाटा समूह की भलाई के लिए कड़ी मेहनत की थी।

सांसद सुप्रिया सुले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार की बेटी हैं। (फाइल फोटो)

एनसीपी नेता शरद पवार की बेटी और लोक सभा सांसद सुप्रिया सुले ने टाटा समूह के हटाए गए चेयरमैन साइरस मिस्त्री पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। खुद को मिस्त्री और उनकी पत्नी रोहिक़ा चागला की अच्छी दोस्त बताने वाली सुले ने एक निजी टीवी चैनल से कहा कि साइरस मिस्त्री ने टाटा समूह को “अपने परिवार और पारिवारिक कारोबार के हिस्से का सारा समय” दिया है और उनके प्रदर्शन को खराब बताना गलत है। सुले ने कहा कि “मिस्त्री ने टाटा की भलाई के लिए कड़ी मेहनत की थी।” रतन टाटा के 75 वर्ष की आयु पूरे करने पर 29 दिसंबर 2012 में अब 48 वर्ष के हो चुके मिस्त्री को उनके उत्तराधिकारी के तौर पर चुना गया था।

साइरस मिस्त्री को 24 अक्टूबर को टाटा समूह की बोर्ड मीटिंग के दौरान अचानक ही पद से हटा दिया गया । टाटा समूह के 78 वर्षीय पूर्व चेयरमैन रतन टाटा अगले चार महीने तक समूह के अंतरिम चेयरमैन रहेंगे। मिस्त्री का उत्तराधिकारी खोजने के लिए सर्च कमेटी का गठन किया गया है। मिस्त्री ने कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भेजे ईमेल में कहा कि उन्हें बचाव का मौका नहीं दिया गया और उन्हें पद से हटाने के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया।  मिस्त्री ने अपने ईमेल में कहा कि उन्हें पद संभालने के बाद आजादी से काम करने का मौका नहीं दिया गया जबकि उनसे इसका वादा किया गया था। मिस्त्री के अनुसार उनके कारोबार का तरीका रतन टाटा से काफी अलग था जो कोरस और जगुआर जैसी विदेशी कंपनियां खरीदने पर अरबों डॉलर खर्च करते थे।

वीडियो: साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के बाद मीडिया से कन्नी काटते दिखे रतन टाटा- 

मिस्त्री को हटाने का क्‍या कारण रहा इसकी जानकारी नहीं दी गई। लेकिन बताया जाता है कि मिस्‍त्री के काम से टाटा ग्रुप का बोर्ड खुश नहीं था। टाटा संस के प्रवक्‍ता ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया, ”बोर्ड ने सामूहिक बुद्धिमत्‍ता और प्रधान शेयरहोल्‍डर्स के सुझावों के आधार पर टाटा संस और टाटा ग्रुप के दीर्घका‍लीन हितों को ध्‍यान में रखते हुए बदलाव का फैसला किया है।” मिस्त्री टाटा समूह के चेयरमैन वाले दूसरे ऐसे सदस्य थे जो टाटा परिवार से नहीं थे। उनसे पहले टाटा खानदान से बाहर के नौरोजी सकलतवाला 1932 में कंपनी के प्रमुख रहे थे।कहा जा रहा है कि टाटा समूह 30 अरब डॉलर के कर्ज में है।

साइरस मिस्‍त्री ने टाटा समूह के खिलाफ खोला माेर्चा, देखें वीडियो:

नौ सदस्‍यीय बोर्ड में से छह ने मिस्‍त्री को हटाने के पक्ष में वोट डाला। दो लोगों ने खुद को इससे दूर रखा। नौवें सदस्‍य खुद मिस्‍त्री थे जो इस प्रकिया में नहीं शामिल नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार बोर्ड मीटिंग के दौरान कई बातें पहली बार हुई। मीटिंग के आखिर में मिस्‍त्री को हटाने का मामला उठा। इस पर साइरस मिस्‍त्री ने विरोध जताया और इसे अवैध बताया। बताया जाता है कि मिस्‍त्री ने टाटा रूल बुक की याद दिलाते हुए कहा कि बोर्ड मीटिंग में इस तरह का मसला उठाने से पहले 15 दिन का नोटिस दिया जाता है। लेकिन बोर्ड ने कहा कि इस फैसले के पक्ष में उनके पास कानूनी राय है।

Read Also: रतन टाटा को ही किनारे लगाना चाहते थे साइरस मिस्‍त्री, बेच रहे थे उनके प्रोजेक्ट

हालांकि इस पद को संभालने के बाद ही मिस्त्री को घरेलू और वैश्विक बाजारों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसमें समूह की कंपनी टाटा स्टील के ब्रिटेन के कारोबार की बिक्री करने का फैसला और समूह की ही दूरसंचार कंपनी टाटा डोकोमो में जापानी सहयोगी डोकोमो के साथ कानूनी विवाद का बढ़ना शामिल है। गौरतलब है कि मिस्त्री टाटा समूह में अकेली सबसे बड़ी हिस्सेदार शापूरजी पालोनजी से संबद्ध हैं। इस समूह की टाटा समूह में 18.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि 66 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा परिवार से जुड़े ट्रस्टों के पास है।

Read Also: मीटिंग में रखा गया हटाने का प्रस्‍ताव तो साइरस मिस्‍त्री ने याद दिलाई रूल बुक, बोर्ड ने कहा- यह कोर्ट नहीं है

खबरों के अनुसार मिस्‍त्री को हटाने की पटकथा पहले ही तैयार हो गई थी। मिस्‍त्री को हटाने के लिए कई महीनों पहले ही फैसला ले लिया गया था।सूत्रों के अनुसार जापानी टेलीकॉम कंपनी एनटीटी डोकोमो से कानूनी लड़ाई हारने ने मिस्‍त्री के बचे-खुचे अवसर भी खत्‍म कर दिए। अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट ने टाटा को 1.17 बिलियन डॉलर रुपये डोकोमो को चुकाने को कहा था।

वहीं टाटा स्‍टील के ब्रिटेन स्थित प्‍लांट को बेचने का फैसला भी बोर्ड को नागवार गुजरा। रतन टाटा ने खुद इस यूनिट के लिए बातचीत की थी। वहीं मिस्‍त्री जेएलआर-जगुआर लैंड रोवर में भी नया निवेश नहीं ला पाए। शिकागो में कंपनी की होटल बेचने के फैसले ने भी मिस्‍त्री के भविष्‍य का तय कर दिया था। खबरों के अनुसार ब्रिटेन में रतन टाटा ने जो साख बनाई थी साइरस मिस्‍त्री उसे खो रहे थे। नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाले टाटा ग्रुप की दो कंपनियों के अलावा बाकी सब कमाई के लिए जूझ रही हैं।

Read Also: TATA में चेयरमैन बनाए जाना और हटाना रहा आश्चर्यजनकः साइरस मिस्त्री

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 26, 2016 6:10 pm

सबरंग