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नरेंद्र मोदी, रवि शंकर प्रसाद से मिले माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नाडेला

नीति आयोग ने ट्वीट कर कहा कि नाडेला ने बिग डेटा के सुरक्षित इस्तेमाल तथा कामकाज के बेहतर तरीके से संचालन पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया।
Author नई दिल्ली | February 22, 2017 00:39 am
माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्य नाडेला। (पीटीआई फाइल फोटो)

माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्य नाडेला ने मंगलवार (21 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद से मुलाकात की और कंपनी के डिजिटल समावेशन कार्यक्रम पर विचार विमर्श किया। यह कार्यक्रम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा एवं शिक्षा में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने से संबंधित है। भारत में जन्मे सीईओ ने नीति आयोग में एक गोलमेज में भी भाग लिया। यह गोलमेज बैठक देश में कामकाज के बेहतर संचालन के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग के दोहन पर आधारित थी।

नीति आयोग ने ट्वीट कर कहा कि नाडेला ने बिग डेटा के सुरक्षित इस्तेमाल तथा कामकाज के बेहतर तरीके से संचालन पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया। आयोग ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया द्वारा नाडेला को एक पुस्तक ‘स्टेट फॉरवर्ड’ भेंट करते हुए तस्वीर भी जारी की है। नाडेला और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रसाद ने कंपनी के ग्रामीण डिजिटल पहलों पर चर्चा की। साथ ही इस बैठक में रोजगार के अवसरों पर पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफार्म लिंक्डइन के इस्तेमाल पर भी विचार विमर्श हुआ। नाडेला देश के कई शहरों की यात्रा पर हैं। वह मुंबई में ‘फ्यूचर डिकोडेड’ पर एक सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।

सोमवार (20 फरवरी) को नाडेला ने भारत के प्रौद्योगिकी हब बेंगलुरु में विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। प्रसाद ने कहा कि नाडेला के साथ जिन अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई उसमें पेशेवरों को कुशल बनाने के लिए लिंक्डइन की भागीदारी शामिल है। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ के साथ बैठक में एच-1बी वीजा का मुद्दा नहीं उठा।

केंद्र सरकार करेगी आपके कंप्यूटर-मोबाइल की सुरक्षा, डाउनलोड करना होगा मुफ्त एंटी-वायरस

सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार (21 फरवरी) को एक मालवेयर-रोधी विश्लेषण केंद्र शुरू किया जो देश में कंप्यूटरों और मोबाइल फोनों को एंटी-वायरस की सुविधा देगा। इस परियोजना पर अगले पांच साल में 90 करोड़ रुपए की लागत आएगी। ‘बॉटनेट एंड मालवेयर एनालिसिस सेंटर’ को शुरू करते हुए सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘मैं इंटरनेट सेवाप्रदाताओं से आग्रह करना चाहूंगा कि वह अपने ग्राहकों को इस सुविधा से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। यह एक मुफ्त सेवा है। ग्राहक आएं और इस सेवा का उपयोग करें।’

‘साइबर स्वच्छता केंद्र’ के नाम से शुरू की गई इस सेवा के तहत देश में साइबर सुरक्षा की निगरानी करने वाली संस्था कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सर्टइन) प्रभावित कंप्यूटर और मोबाइलों का डाटा एकत्र करेगी और उन्हें इंटरनेट सेवाप्रदाताओं और बैंकों के पास भेजेगी। यह इंटरनेट सेवाप्रदाता और बैंक उपयोगकर्ता की पहचान करेंगे और उन्हें इस केंद्र का एक लिंक मुहैया कराएंगे जिसकी मदद से वह इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे। इस लिंक के माध्यम से उपयोग कर्ता एंटी-वायरस को अपने प्रभावित उपकरण को सही करने के लिए डाउनलोड कर सकेगा।

सर्टइन के महानिदेशक संजय बहल ने बताया कि इस परियोजना पर अगले पांच साल में 90 करोड़ रच्च्पये का बजट खर्च किया जाना है। अभी इस सेवा का उपयोग 58 इंटरनेट सेवाप्रदाता और 13 बैंक कर रहे हैं। प्रसाद ने सर्टइन को जून तक राष्ट्रीय साइबर सहयोग केंद्र स्थापित करने का भी निर्देश दिया है।

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