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सब्सिडी खत्म नहीं होगी बल्कि सही लक्ष्य होगीः PM मोदी

लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाले सुधारों को आगे बढ़ाने का वादा करते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार सब्सिडी समाप्त नहीं करेगी बल्कि उन्हें तर्कसंगत बनाकर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की लक्षित व्यवस्था के साथ आगे बढ़ेगी।
Author नई दिल्ली | January 30, 2016 00:08 am
सब्सिडी समाप्त नहीं होंगी पर इन्हें सही लक्ष्य तक पहुंचाया जाएगा: PM मोदी

लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाले सुधारों को आगे बढ़ाने का वादा करते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार सब्सिडी समाप्त नहीं करेगी बल्कि उन्हें तर्कसंगत बनाकर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की लक्षित व्यवस्था के साथ आगे बढ़ेगी।

उन्होंने संसाधनों के आवंटन में दक्षता लाने और नागरिकों की प्रगति के लिये संभावनायें पैदा करने का वादा करते हुये कहा कि बेवजह के नियंत्रणों और विकृति को समाप्त किया जायेगा। प्रधानमंत्री ने ‘इकोनोमिक टाइम्स ग्लोबल बिजनेस समिट’ को संबोधित करते हुये कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सभी तरह की सब्सिडी अच्छी हैं। मेरा कहना है कि इस तरह के मामलों में कोई सैद्धांतिक स्थिति नहीं अपनाई जा सकती। हमें प्रगतिशील होना चाहिये। हमें बेकार सब्सिडियों को समाप्त करना चाहिये, चाहे वह सब्सिडी है या नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कुछ सब्सिडी ऐसी हैं जो कि गरीब और जरूरतमंद के लिये जरूरी हो सकती हैं, उन्हें सफल होने के लिये उचित मौका मिलना चाहिये। इसलिये मेरा उद्देश्य सभी सब्सिडी को समाप्त करना नहीं है बल्कि उन्हें तर्कसंगत और सीधे लक्ष्य तक पहुंचाना है।’’ प्रधानमंत्री ने अर्थशास्त्रियों और उद्योगपतियों के मामले में चुटकी लेते हुये कहा कि उद्योगों को जब कुछ दिया जाता है तो उसे प्रोत्साहन अथवा आर्थिक सहायता कहा जाता है जबकि किसानों को दी गई सहायता को अपमानजनक तरीके से सब्सिडी कहा जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमें अपने आप से यह पूछना चाहिये कि भाषा का यह अंतर क्या हमारी प्रवृति को भी दर्शाता है? ऐसा क्यों होता है कि जब कोई सब्सिडी, संपन्न लोगों को दी जाती है तो उसका चित्रण बड़े ही सकारात्मक तरीके से किया जाता है? मोदी ने कहा कि करदाता कंपनियों को दिये जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहनों से 62,000 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होता है जबकि लाभांश और शेयर बाजारों में होने वाले शेयर कारोबार पर दीर्घकलिक पूंजीगत लाभ को आयकर से पूरी तरह से छूट मिली हुई है। हालांकि, ये लोग गरीब नहीं हैं जो कि यह कमाई करते हैं।

उन्होंने कहा कि दोहरे कराधान से बचने की संधियां कुछ मामलों में दोनों तरफ कर नहीं चुकाने की तरफ फलीभूत होती हैं। उन्होंने कंपनियों को दिये जाने वाले प्रोत्साहन में 62,000 करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान का जो आकलन किया है, दोहरे कराधान की छूट से होने वाला लाभ इसमें शामिल नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जो लोग सब्सिडी में कटौती की बात करते हैं वह इस बारे में कोई जिक्र नहीं करते हैं। शायद इन रियायतों को निवेश के लिये प्रोत्साहन के तौर पर माना जाता है। मुझे इसमें आश्चर्य नहीं होगा यदि उर्वरक सब्सिडी को ‘कृषि उत्पादन के लिये प्रोत्साहन’ का नया नाम दिया जाता है, कुछ विशेषज्ञ इसे अलग तरीके से देखेंगे।’

 

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  1. Rahul Agarwal
    Jan 30, 2016 at 6:46 am
    I wish this comment should come on 60 years old "Cast Base Reservation System".
    (0)(0)
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