ताज़ा खबर
 

‘2025 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत, 125% बढ़ जाएगी हर व्यक्ति की आय’

प्रति व्यक्ति 1,700 डॉलर की आय के साथ भारत इस मामले में चीन, रूस, ब्राजील, इंडोनेशिया और फिलीपीन, मैक्सिको और तुर्की जैसे देशों से भी पीछे है।
Author नई दिल्ली | February 21, 2017 17:47 pm
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

भारत की आबादी संबंधी लाभ के साथ सरकार की नीतिगत कदम से भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 2025 तक 5,000 अरब डॉलर पहुंच जाने का अनुमान है। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। मौजूदा बाजार मूल्य पर आधारित जीडीपी के तहत देश की अर्थव्यवस्था फिलहाल 2200 अरब डॉलर की है (क्रय शक्ति समता के आधार पर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था)। लेकिन देश की प्रति व्यक्ति आय काफी कम है। प्रति व्यक्ति 1,700 डॉलर की आय के साथ भारत इस मामले में चीन, रूस, ब्राजील, इंडोनेशिया और फिलीपीन, मैक्सिको और तुर्की जैसे देशों से भी पीछे है।

मार्गन स्टेनले ने एक शोध रिपोर्ट में कहा, ‘हमारा मानना है कि आबादी संबंधी लाभ, सरकार के नीतिगत कदम और वैश्वीकरण जैसे समर्थनकारी तत्वों के आधार पर देश में मध्यम अवधि में सतत उत्पादक वृद्धि होगी।’ इसके अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था 2025 तक 5,000 अरब डॉलर का हो जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक 2024-25 तक प्रति व्यक्ति आय 125 प्रतिशत बढ़कर 3,650 डॉलर हो जाएगी।

आर्थिक वृद्धि में आई सुस्ती का असर जनवरी-मार्च तिमाही पर भी: नोमुरा

आर्थिक शोध संस्था नोमुरा के मुताबिक भारत में आर्थिक गतिविधियों में हालांकि, जनवरी में कुछ सुधार दिखा है लेकिन यह बहुत व्यापक नहीं है और कुल मिलाकर आर्थिक गतिविधियां नोटबंदी से पूर्व के स्तर से नीचे बनी हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में शुरू हुई आर्थिक सुस्ती अब जनवरी-मार्च तिमाही में भी अपना असर दिखाने लगी है। नोमुरा इंडिया के मुख्य अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने एक शोध पत्र में कहा, ‘कुल मिलाकर नोमुरा का आर्थिक गतिविधियों की गति में घटबढ को दर्शाने वाला सूचकांक बताता है कि दिसंबर में गतिविधियां काफी कमजोर हुई है।

जनवरी में हालांकि, इससे बेहतर दिखता है लेकिन अभी गतिविधियां व्यापक नहीं है और यह नोटबंदी से पहले के स्तर से नीचे बनी हुई हैं।’ रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि नये नोट जारी करने का काम बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है और लेनदेन मांग मार्च अंत तक स्थिर हो जाने की उम्मीद है। ‘10 फरवरी को प्रचलन में आये कुल नोट सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 7.2 प्रतिशत थे। एक जनवरी को यह स्तर 5.9 प्रतिशत पर था। हम मार्च अंत तक इस अनुपात के 9 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं। इस स्तर पर लेनदेन मांग को स्थिर करने में मदद मिलेगी।’

नोमुरा को लगता है कि कैलेंडर वर्ष 2016 की तीसरी तिमाही जुलाई-सितंबर में जीडीपी वद्धि दर धीमी पड़कर 7.3 प्रतिशत से चौथी तिमाही अक्तूबर-दिसंबर में 6 प्रतिशत और 2017 की पहली तिमाही जनवरी-मार्च में 5.7 प्रतिशत रह जायेगी। हालांकि शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक वृद्धि के 2017 की दूसरी छमाही में उछलकर फिर से 7.5 प्रतिशत और वर्ष 2018 में 7.7 प्रतिशत के औसत पर पहुंच जाने का अनुमान है। नोमुरा को 2017 की पहली छमाही में मुद्रास्फीति 4 से 4.5 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है जो कि दूसरी छमाही में इससे कहीं ऊपर 5.5 से 6 प्रतिशत के दायरे में पहुंच सकता है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा- “GST और नोटबंदी देश की अर्थव्यवस्था को करेंगे मज़बूत”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. S
    sach
    Feb 21, 2017 at 12:47 pm
    अभी तो भारत डेवलपिंग देश से अंडरडेवलप्ड बन गया है...! कल किसने देखा है ...? क्या मालूम चोरेंदर ढोंगी देश का बंटाधार करने का नोटबंदी जैसा और कोई पने वाला तरीका खोज निकाले....!
    (0)(0)
    Reply
    1. S
      sahil singla
      Feb 22, 2017 at 6:15 am
      जिन लोगो की तुम बात कर रहे हो... वो सिर्फ बातें बना बना कर वहां नहीं पहुंचे है...और सिर्फ कमेंटिंग करने से ७० साल के किये हुए पाप नहीं धूल जायेंगे.. PM जैसे पद की धज्जिया उड़ा दी कांग्रेस ने.. कांग्रेस में तो ऐसे पप्पू और मैडम बैठे जो शायद हिंदुस्तानी होने की भी टर्म्स एंड कंडीशन्स पूरी नहीं करते ..
      (0)(0)
      Reply
      1. S
        sahil singla
        Feb 21, 2017 at 12:52 pm
        लगता है ये SACH कोई कांग्रेस फंडेड बंदा है बहुत ज़्यादा जल रही है.. और दम इतना भी नहीं की अपनी असली आइडेंटिटी को शो कर सके... he he he
        (0)(1)
        Reply
        1. S
          sach
          Feb 21, 2017 at 4:09 pm
          सच कुछ ज्यादा ही कड़वा लग रहा है...? दम की बात कर रहे हो..पहले अपने फर्जी डिग्री वाले ढोंगीजी और स्मृतिजी से कहो की अपनी डिग्री सार्वजानिक करें.. मैं अपना नाम भी सार्वजनिक कर दूंगा.... क्विड प्रो को...(समथिंग फॉर समथिंग)
          (0)(1)
          Reply
        सबरंग