December 06, 2016

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जानिए छापेखाने से एटीएम तक कैसे पहुंचता है बैंक नोट, 2000 की एक शीट से तैयार होते हैं 40 नोट

नोटों की छपाई शीट के रूप में की जाती है। नोटों शीट में टेलीस्कोपिक तरीके से नंबर दर्ज किए जाते हैं और उन्हें वांछित आकार में काटा जाता है।

कड़ी सुरक्षा के बीच केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में बैक से लाए गए नए नोट। (PTI File Photo)

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने की घोषणा की तो देश में प्रचलित कुल बैंक नोटों का 86 प्रतिशत इन बड़े नोटों के रूप में था। इसलिए नोटबंदी के बाद एक तरह से नकदी संकट उत्पन्न हो गया। पुराने नोटों की कमी को पूरा करने के लिए भारत सरकार को 2300 करोड़ नए नोट छापने पड़ेंगे। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के अनुसार दो साल पहले तक नोट छापने वाले सभी छापेखाने एक महीने में 300 करोड़ नोट छाप सकते हैं। यानी 500 और 1000 के नोटों की जगह नए नोट बाजार में पहुंचाने में करीब सात महीने लग सकते हैं। दूसरे विशेषज्ञों का भी कहना है कि पुराने नोटों की भरपाई करने में कम से कम छह महीने लगेंगे। आइए हम आपको बताते हैं कि बैंक नोट छापेखाने से बैंक एटीएम तक कैसे पहुंचते हैं।

नोटों का सफर तस्वीरें।शुरुआत- हर वित्त वर्ष की शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) नोटों की मांग, जीडीपी की विकास दर, इलेक्ट्रानिक भुगतान इत्यादि के आधार पर नए नोटों की जरूरत का अनुमान लगाता है। आरबीआई इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार से चर्चा के बाद नोट के मुद्रण का आदेश देता है।

about-money-02नोट का कागज तैयार करना- मैसूर और होशंगाबाद स्थित करेंसी पेपर मिल में अति-सुरक्षित बैंक नोट के कागज की डिजाइनिंग और छपाई होती है। ये दोनों छापेखाने साल में 18 हजार मेट्रिक टन नोट पेपर तैयार कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर आरबीआई नोटों के कागज का आयात भी करता है।

about-money-03नोटों के सुरक्षा फ़ीचर- हर नोट में मल्टी टोनल, थ्री-डी वाटरमार्क, माइक्रो लेटरिंग, सुरक्षा धागे जैसे कई तरह के सुरक्षा फ़ीचर होते हैं। नोट में सभी सुरक्षा फ़ीचर मैसूर और होशंगाबाद में ही लगाए जाते हैं। आरबीआई की एक रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) टीम नोटों के सुरक्षा फीचर को बेहतर बनाने के लिए लगातार शोध करती रहती है।

about-money-04छपाई- जब नोट के कागज के सुरक्षा फ़ीचर तैयार हो जाते हैं तो उन्हें मैसूर, शालबनी, देवास और नासिक स्थित छापेखानों में भेजा जाता है जहां उनमें अतिरिक्त सुरक्षा फ़ीचर लगाए जाते हैं।

about-money-05कटाई- नोटों की छपाई शीट के रूप में की जाती है। नोटों के बड़े शीट में टेलीस्कोपिक तरीके से नंबर दर्ज किए जाते हैं और उन्हें वांछित आकार में काटा जाता है। नोटों के एक पैकेट में 100 नोट होते हैं और एक बंडल में 10 पैकेट होते हैं। अगर बात नए जारी किए गए 2000 रुपये के नोट की करें तो एक शीट से 40 नोट तैयार होते हैं।

about-money-06बैंक तक का सफर- छपने के बाद नोटों को आरबीआई के करेंसी चेस्ट में पहुंचाया जाता है। करेंसी चेस्ट से ये नोट विभिन्न बैंकों तक पहुंचते हैं। इन नोटों को गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार/पुलिस की होती है।

about-money-07एटीएम में नोट भराई- देश की कुल सात पंजीकृत कैश लॉजिस्टिक कंपनियों की 8800 कैश वैनों के माध्यम से बैंक नोट विभिन्न एटीएम तक पहुंचाए जाते हैं। हर एटीएम में चार कैसेट होते हैं जिनमें अलग-अलग मूल्य के नोट भरे जाते हैं। नोटबंदी के बाद देश के सभी एटीएम को नए नोटों के हिसाब से रीकैलीब्रेट किया जा रहा है।

about-money-08नोटों की उड़ान- पूर्वोत्तर और कश्मीर जैसे देश के कई अंदरूनी इलाकों में नोटों को हेलिकॉप्टर या एयरक्राफ्ट से पहुंचाया जाता है। ऐसे सुदूरवर्ती इलाकों में आम तौर पर एटीएम में छह दिन में एक बार पैसे भरे जाते हैं।

वीडियोः नोटबंदी की घोषणा के बाद हो गई है नकदी की किल्लत-

वीडियोः कई फिल्म स्टार कर चुके हैं नोटबंदी का समर्थन-

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First Published on November 23, 2016 9:07 am

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