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महंगाई दर पांच महीने के उच्चस्तर पर

जीएसटी के बाद महंगाई बढ़ने की जो आशंका जताई गई थी, वह सही साबित होती लग रही है। नई कर व्यवस्था में ग्राहक को सस्ता कुछ मिल ही नहीं रहा।
Author नई दिल्ली | September 13, 2017 03:40 am
देश की खुदरा महंगाई जून में घटकर 1.54 फीसदी

जीएसटी के बाद महंगाई बढ़ने की जो आशंका जताई गई थी, वह सही साबित होती लग रही है। नई कर व्यवस्था में ग्राहक को सस्ता कुछ मिल ही नहीं रहा। अलबत्ता वैट से जीएसटी की दर ज्यादा होने का हवाला दे कारोबारी हर चीज महंगी बेच रहे हैं। नतीजतन खुदरा मुद्रास्फीति की दर अगस्त महीने में बढ़कर पांच महीने के उच्च स्तर 3.36 फीसद पर पहुंच गई है। सब्जियों और फलों के दाम चढ़ने से भी खुदरा महंगाई दर बढ़ी है। इससे पिछले महीने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति की दर 2.36 फीसद पर थी। अगस्त महीने का खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ा मार्च, 2017 के बाद सबसे ऊंचा है। उस समय यह 3.89 फीसद पर थी। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 1.52 फीसद पर पहुंच गई। इससे पहले इसमें अपस्फीति थी।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार माह के दौरान रोजाना उपभोग वाले फल और सब्जियों की महंगाई दर बढ़कर क्रमश: 5.29 फीसद और 6.16 फीसद हो गई। यह जुलाई में क्रमश: 2.83 फीसद और शून्य से 3.57 फीसद नीचे थी। इसी तरह तैयार भोजन, जलपान और मिठाई की श्रेणी में मुद्रास्फीति अगस्त में बढ़कर 1.96 फीसद हो गई। जो जुलाई में 0.43 फीसद थी। परिवहन और संचार क्षेत्रों में भी महंगाई दर बढ़कर 3.71 फीसद हो गई। जो जुलाई में 1.76 फीसद थी। अलबत्ता कुछ मोटे अनाजों, मीट-मछली, तेल व वसा की महंगाई दर कुछ कम होने का दावा किया गया है।

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