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अर्थव्‍यवस्‍था के लिए बुरा संकेत: देश की थोक महंगाई दर में दोगुनी बढ़ोत्‍तरी

जुलाई में थोक महंगाई दर 1.88 फीसदी रही थी जबकि अगस्त 2016 में यह दर 1.09 फीसदी थी।
राष्‍ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पूर्व पीएम मनमोहन सिंह। (Source: PTI)

देश के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर अगस्त महीने में लगभग दोगुनी होकर 3.24 फीसदी रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में थोक महंगाई दर 1.88 फीसदी रही थी जबकि अगस्त 2016 में यह दर 1.09 फीसदी थी। मंत्रालय के मुताबिक, “अगस्त 2017 की थोक महंगाई दर 3.24 फीसदी रही है, जबकि जुलाई में यह 1.88 फीसदी थी और अगस्त 2016 में 1.09 फीसदी थी। इस वित्त वर्ष की बिल्ट इन महंगाई दर 1.41 फीसदी रही है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 3.25 फीसदी थी।” खाद्य महंगाई दर बढ़कर 5.75 फीसदी रही जबकि जुलाई 2017 में यह 2.15 फीसदी थी। वार्षिक आधार पर प्याज की कीमतें बढ़कर 88.46 फीसदी रही जबकि आलू की कीमत नकारात्मक 43.82 फीसदी रही है। अगस्त में सब्जियों की कीमतें बढ़कर 44.91 फीसदी रही है जबकि अगस्त 2016 में यह नकारात्मक 7.75 फीसदी थी।

वार्षिक आधार पर गेंहू सस्ता हो गया है। इसकी दर नकारात्मक 1.44 फीसदी रही है जबकि प्रोटीन आधारित खाद्य सामग्रियां अंडे, मांस और मछली मंहगी हो गई हैं। यह बढ़कर 3.93 फीसदी हो गई हैं। ईंधन और बिजली की कीमत भी बढ़कर 9.99 हो गई है।

हाल ही में आंकड़े आए थे कि खुदरा मुद्रास्फीति की दर अगस्त महीने में बढ़कर पांच महीने के उच्च स्तर 3.36 फीसद पर पहुंच गई है। गस्त महीने का खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ा मार्च, 2017 के बाद सबसे ऊंचा है। उस समय यह 3.89 फीसद पर थी।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार माह के दौरान रोजाना उपभोग वाले फल और सब्जियों की महंगाई दर बढ़कर क्रमश: 5.29 फीसद और 6.16 फीसद हो गई। यह जुलाई में क्रमश: 2.83 फीसद और शून्य से 3.57 फीसद नीचे थी। इसी तरह तैयार भोजन, जलपान और मिठाई की श्रेणी में मुद्रास्फीति अगस्त में बढ़कर 1.96 फीसद हो गई। जो जुलाई में 0.43 फीसद थी। परिवहन और संचार क्षेत्रों में भी महंगाई दर बढ़कर 3.71 फीसद हो गई। जो जुलाई में 1.76 फीसद थी। अलबत्ता कुछ मोटे अनाजों, मीट-मछली, तेल व वसा की महंगाई दर कुछ कम होने का दावा किया गया है।

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  1. B
    bitterhoney
    Sep 14, 2017 at 11:17 pm
    अभी तो शुरुआत है केवल तीन ही साल हुए हैं अभी से रोने लगे? मोदीजी के भक्त तो मोदीजी को लम्बी पारी खिलाने के मूड में हैं. मोदीजी नरमुंडों के शिखर पर विराजमान होना चाहते हैं. मोदीजी इश्वर के सब्र का इम्तेहान न लो वरना राख हो जाओगे. तुम्हारे जैसे कितने राख हो गए. ज़मीं खा गयी आसमां कैसे कैसे.
    (0)(0)
    Reply
    1. T
      tarsame singh
      Sep 14, 2017 at 7:34 pm
      मोदी जी बहुत अच्छा राज चला रहे हैं. दाम बढ़ने से पता चलता है के लोगों की खरीदने की ख्यामता बढ़ रही है. गुंडा गर्दी बढ़ने से पता चलता है के लोग न शील हो रहे हैं. क़तल बढ़ने से पता चलता है है की देश सफाई अभियान मैं लगा है.जनता तो मार खा के बहुत खुश है कुछ लोग मोदी कीो बदनाम करने की कोशिस मैं लगें है . जनता रो नहीं रही है क्यों के उसमें रोने की हिम्मत सर्कार ने पूरी तरह से ख़तम करदी है
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      Reply
      1. P
        Pradeep Sharma
        Sep 14, 2017 at 2:40 pm
        आपके लिए तो कांग्रेस राज में ही दूध घी की नदिया बह रही थी. आप जैसे पत्रकार न केवल हिन्दू अपितु हिंदुस्तान के लिए भी घातक है. साक्षात् जयचंद की औलाद है जनसत्ता वाले.
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        Reply
        1. G
          govindasami
          Sep 14, 2017 at 7:38 pm
          And you are son of jodha bai {rajput queen of Akabar}.Your name is perhaps Shazyada em Rajput aur Mislim ka combination
          (0)(1)
          Reply
        सबरंग