December 07, 2016

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भारत सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और ब्रिटिश गैस से 6600 हजार करोड़ रुपये से अधिक का दावा जीता

पन्नामुक्ता एवं ताप्ति फील्ड में रिलायंस और बीजी की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। दोनों कंपनियों ने दिसंबर 2010 में ये मामला दायर कराया था।

आरआईएल और ब्रिटिश गैस ने 2010 में भारत सरकार पर दावा किया था।

भारत सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और अंतरराष्ट्रीय कंपनी बीजी (पूर्व में ब्रिटिश गैस) की भारतीय इकाई से एक अरब डॉलर (करीब 6600 करोड़ रुपये) से अधिक के दावे के मामले में जीत हासिल कर ली है। रिलायंस और बीजी ने  लंदन स्थित मध्यस्थता पैनल के सामने मुंबई के समुद्र तट के पन्नामुक्ता और ताप्ति फील्ड में होने वाले नुकसान को लेकर भारत सरकार पर एक अरब डॉलर का दावा किया था। मध्यस्थता पैनल ने 12 अक्टूबर को अपने 1000 पन्ने के फैसले में रिलायंस-बीजी के दावे को रद्द कर दिया। इन दोनों कंपनियों ने लागत राशि की वापसी की सीमा बढ़ाने और गैस निकालने की दर में कुछ कमी करने की मांग की थी। कंपनियों का दावा था कि इन दरों का उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ता है। हालांकि पेट्रोलियम एवं गैस मंत्रालय ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

पन्नामुक्ता एवं ताप्ति फील्ड में रिलायंस और बीजी की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। दोनों कंपनियों ने दिसंबर 2010 में ये मामला दायर कराया था। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मध्यस्थता पैनल के फैसला मोटे तौ पर भारत सरकार के पक्ष में देखा जा रहा है लेकिन फैसले में रिलायंस-बीजी को भी राहत दी गई है। पैनल ने इस मामले में बहुमत ने फाइनल पार्शियल अवार्ड (एफपीए) जारी की है। पैनल के दो सदस्यों ने अपनी असहमति जाहिर की थी।

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सूत्रों के अनुसार रिलायंस एफपीए की समीक्षा कर रहा है और उसके बाद ही वो कानूनी राय के अनुसार आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा। मध्यस्थता पैनल ने मामले में प्रक्रियागत सुनवाई के लिए अगली तारीख 18-19 दिसंबर की दी है। माना जा रहा है कि अगली तारीख पर इस मामले में आगे की मध्यस्थता के लिए समयरेखा तय की जाएगी।

आरआईएल के प्रवक्ता ने मीडिया से कहा कि अभी इस एफपीए के परिणाम के बारे में कुछ कहना मुश्किल है। जब तक ट्रिब्यूनल दोनों में से किसी एक पक्ष की देनदारियां नहीं तय कर देता तब तक कुछ कहना मुश्किल है और इसमें ये कुछ सुनवाइयों बाद ही तय हो सकेगा।

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First Published on October 25, 2016 11:17 am

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