February 26, 2017

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विश्वबैंक ने कहा, भारत में नोटबंदी का फ़ायदा लंबे समय में दिखेगा

विश्वबैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट में 2016-17 के लिये भारत की वृद्धि दर के अनुमान को संशोधित कर 7.0 प्रतिशत कर दिया है।

Author वॉशिंगटन | January 11, 2017 16:42 pm
बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा में 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बदलवाने के लिए कतार में खड़े लोग। (PTI Photo/11 Nov, 2016)

विश्वबैंक ने बुधवार (11 जनवरी) को कहा कि भारत में नोटबंदी का ‘प्रतिकूल प्रभाव’ मध्यम अवधि में समाप्त हो जाएगा। विश्वबैंक ने कहा कि किसी भी सुधार को लेकर दिक्कतें अल्पकाल में ही देखने को मिलती है। विश्वबैंक में डेवलपमेंट प्रोस्पेक्ट्स ग्रुप के निदेशक अहान कोस ने कान्फ्रेंस कॉल के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘किसी भी सुधार को लेकर दिक्कतें अल्पकाल में होती हैं लेकिन अंतत: सुधारों से दीर्घकाल में लाभ होगा। भारत के इस मामले में हम उम्मीद करते हैं कि नोटों के बदलने के जो प्रतिकूल प्रभाव हैं, वे मध्यम अवधि में समाप्त हो जाएंगे।’ विश्वबैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट में 2016-17 के लिये भारत की वृद्धि दर के अनुमान को संशोधित कर 7.0 प्रतिशत कर दिया है। पहले इसके 7.6 प्रतिशत रहने की बात कही गयी थी।

हालांकि कोस के अनुसार विश्वबैंक का अनुमान है कि आर्थिक वृद्धि दर 2017-18 और 2018-19 में बढ़ेगी और इसे निजी खपत, बुनियादी ढांचा खर्च तथा निवेश वृद्धि में में तेजी लौटने से मदद मिलेगी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘भारत पहले ही सुधारों की दिशा में कई कदम उठाया है। इन सुधारों से हमें उम्मीद है कि घरेलू आपूर्ति बाधा कम होगी और उत्पादकता बढ़ेगा तथा आने वाले वर्ष में मुद्रास्फीति में नरमी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि से वास्तविक आय तथा खपत को समर्थन मिलना चाहिए।’

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First Published on January 11, 2017 4:42 pm

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