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व्यक्तिगत आयकरदाताओं को बजट से हुई निराशा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने व्यक्तिगत आयकरदाताओं की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। आयकर छूट की ढाई लाख रुपए सालाना की मौजूदा सीमा में फूटी कौड़ी की भी बढ़ोत्तरी नहीं की। हालांकि वित्त मंत्री ने बीमा व पेंशन कोष में जमा की गई रकम पर आयकर छूट की सीमा जरूर बढ़ा दी। व्यक्तिगत आयकर […]
Union Budget 2015: स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर कटौती की सीमा 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए करने का प्रस्ताव किया गया है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने व्यक्तिगत आयकरदाताओं की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। आयकर छूट की ढाई लाख रुपए सालाना की मौजूदा सीमा में फूटी कौड़ी की भी बढ़ोत्तरी नहीं की। हालांकि वित्त मंत्री ने बीमा व पेंशन कोष में जमा की गई रकम पर आयकर छूट की सीमा जरूर बढ़ा दी।

व्यक्तिगत आयकर दाताओं को छूट की सीमा बढ़ने की आस थी। लेकिन जेटली ने उन्हें निराश कर दिया। व्यक्तिगत आयकर दरों और छूट की सीमा में उन्होंने कोई बदलाव नहीं किया गया। संपत्ति कर तो खत्म कर दिया, पर एक करोड़ रुपए से अधिक की सालाना कमाई वाले रईसों पर दो फीसद अधिभार जरूर बढ़ा दिया।

साठ वर्ष से कम आयु के आम आयकर दाता की फिलहाल ढाई लाख रुपए तक की सालाना आय कर मुक्त है। ढाई लाख से तीन लाख रुपए की आय पर 10 फीसद, पांच लाख से 10 लाख रुपए पर 20 फीसद और 10 लाख रुपए से अधिक की सालाना आय पर 30 फीसद की दर से आयकर लागू है। अगले वित्त वर्ष में भी यही व्यवस्था बनी रहेगी। साठ साल से लेकर 80 साल तक के वरिष्ठ नागरिकों की पहले की तरह तीन लाख रुपए तक की आय कर मुक्त होगी। जबकि 80 वर्ष और इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों की पांच लाख रुपए तक की वार्षिक आय पहले की तरह ही कर मुक्त रखी गई है।

बजट में एक करोड़ रुपए या इससे अधिक सालाना कमाई पर आयकर अधिभार दो फीसद बढ़ा कर 12 फीसद कर दिया गया है। एक करोड़ रुपए से अधिक सालाना कमाई करने वाली फर्मों, सहकारी समितियों और स्थानीय प्राधिकरणों पर भी दो फीसद अतिरिक्त अधिभार सहित कुल 12 फीसद की दर से अधिभार लगेगा।

वित्त मंत्री ने कंपनियों पर भी आयकर अधिभार में दो फीसद वृद्धि की है। एक करोड़ से 10 करोड़ रुपए की सालाना आय के दायरे में आने वाली कंपनियों पर अधिभार बढ़ा कर सात फीसद और 10 करोड़ रुपए से अधिक कमाई करने वाली कंपनियों पर अब 12 फीसद की दर से अधिभार देना होगा।

हालांकि वित्त मंत्री ने विदेशी कंपनियों के मामले में अधिभार में कोई वृद्धि नहीं की है। विदेशी कंपनियों को एक करोड़ रुपए से 10 करोड़ रुपए तक की कमाई पर दो फीसद और दस करोड़ रुपए से अधिक की आय पर पांच फीसद की दर से अधिभार देना होगा। कंपनियों के लाभांश वितरण और शेयरों की वापस खरीद पर किए जाने वाले भुगतान पर कंपनियों को मौजूदा 10 फीसद के बजाय अब 12 फीसद की दर से अधिभार देना होगा। म्यूचुअल फंड और प्रतिभूतिकरण ट्रस्टों को भी आय के वितरण पर 12 फीसद की दर से अधिभार देना होगा।

वित्त मंत्री ने कहा है कि सार्वभौमिक गुणवत्ता पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए दो फीसद की दर से शिक्षा उपकर और हाई स्कूल व उच्च शिक्षा उपकर के तौर पर एक फीसद का अतिरिक्त उपकर अगले वित्त वर्ष में भी जारी रहेगा।

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  1. V
    VIJAY LODHA
    Mar 5, 2015 at 2:36 pm
    आम के लिए तो लग ही नहीं रहा यह बजट....!!
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