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सेविंग और सैलरी अकाउंट रखने वाले महीने में सिर्फ 4 बार निकाल सकेंगे फ्री में पैसे

कैश ट्रांजेक्शन की कीमत के आधार पर बैंक ने शाखाओं (होम ब्रांच) में मुफ्त नकद लेन-देन की सीमा को दो लाख रुपये कर दिया है। दो लाख रुपए से ज्यादा की निकासी पर प्रति हजार 5 रुपए या कम से कम 150 रुपए चार्ज देना होगा।
Author नई दिल्ली | February 28, 2017 18:27 pm
1 मार्च से एचडीएफसी ग्राहकों पर लागू होगा यह नियम। (Representative Image)

भारत के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी ने अपने ग्राहकों को तगड़ा झटका दिया है। बैंक ने आगामी एक मार्च से शाखाओं से फ्री टांजैक्शन की लिमिट को 5 से घटाकर 4 किए जाने, ब्रांच से कैश निकालने और जमा करने की सीमा और उस पर चार्ज का ऐलान किया। बैंक के इस कदम के पीछे की वजह डिजिटल ट्रांजैक्शन को बताया जा रहा है। सरकार नोटबंदी के बाद लोगों को नकद-रहित और डिजिटल लेन-देन के लिये प्रोत्साहित कर रही है। इस लिहाज से बैंक का यह कदम महत्वपूर्ण है। एचडीएफसी के नए आदेश के मुताबिक सेविंग्स और सैलरी अकाउंट होल्डर्स अब एक महीने में सिर्फ चार बार ही मुफ्त में बैंक में पैसा जमा कर सकेंगे या फिर निकाल सकेंगे। चार बैंकिंग ट्रांजैक्‍शन में जमा और निकासी दोनों की संख्‍या शामिल होगी। यानी की 5वीं बार पैसे जमा करने या निकालने पर 150 रुपए देने होंगे।

कैश ट्रांजैक्शन की कीमत के आधार पर बैंक ने शाखाओं (होम ब्रांच) में मुफ्त नकद लेन-देन की सीमा को दो लाख रुपये कर दिया है। दो लाख रुपए से ज्यादा की जमा-निकासी पर प्रति हजार 5 रुपए या कम से कम 150 रुपए चार्ज देना होगा। वहीं नॉन होम ब्रांच से एक दिन में 25 हजार रुपए तक की रकम जमा और निकाली जा सकती है। इससे ज्यादा के लेनदेन पर प्रति हजार 5 रुपए या कम से कम 150 रुपए चार्ज देना होगा।

थर्ड पार्टी ट्रांजैक्शन के लिए भी बैंक ने 25,000 रुपए की राशि निर्धारित कर दी है। थर्ड पार्टी ट्रांजेक्‍शन के दौरान 25,000 रुपए तक का ट्रांजैक्शन पर 150 रुपए चार्ज के अलावा टैक्‍स और सेस देना होगा। वहीं थर्ड पार्टी ट्रांजैक्‍शन के दौरान 25,000 रुपए से ज्‍यादा जमा या निकालने की अनुमति नहीं दी गई है। वहीं सीनियर सिटीजन, बच्‍चों और नाबालिगों के बैंक खातों से भी 25000 रुपए निकालने की राशि तय की गई है, पर इस पर चार्ज वसूल नहीं किया जाएगा। नगद-लेन देन के लिए बैंक चार्ज 1 मार्च, 2017 से लागू हो जाएंगे।

इन बैंकों में भी लागू है व्यवस्था
देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ICICI की वेबसाइट पर भी इस संबंध में जानकारी दी गई है। बैंक की वेबसाइट के मुताबिक चार ट्रांजैक्शन से ज्यादा करने पर मिनिमम 150 प्रति ट्रांजैक्शन देने होंगे। इस लिस्ट में तीसरा बैंक एक्सिस बैंक है जो एकस्ट्रा कैश ट्रांजेक्शन लिमिट दे रहा है। इसके तहत 5 कैश ट्रांजेक्शन या 10 लाख रुपए तक का ट्रांजैक्शन फ्री है। इसके बाद से दूसरे बैंकों की तरह की चार्ज लगेंगे। गौरतलब है कि बजट 2017-18 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी कैश ट्रांजेक्शन पर लगाम लगाने और डिजीटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए नकदी लेन-देन की सीमा तय की थी। बजट में कहा गया कि 3 लाख रुपए से ज्यादा का कैश ट्रांजेक्शन नहीं किया जा सकता।

 

 

वीडियो: 2 लाख रुपये से ज्यादा बैंक खाते में जमा करवाने वालों को पकड़ने में जुटी सरकार

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  1. बादर सैफी
    Mar 1, 2017 at 12:59 am
    Post your opinion...टेकस भी सैस भी ओर 4 के बाद पैसा निकाल ने पर भी टेकस,भयया पबलिक को पेसा कमाने ओर पैसा रखना गैर कानुनी कब धोसित करोगे?
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    Reply
    1. A
      Anuj kumar
      Feb 19, 2017 at 5:34 am
      भैया जी ४ बार तो ज्यादा है ise बिलकुल ख़तम करदो,, क्यों के जनता के पास हराम का पैसा है ना सब वही काट लो,,
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      Reply
      1. अनुज श्रीवास्तवा
        Feb 19, 2017 at 4:29 pm
        बैंक को नगद निकाशी पाँच ही रखना था जनता को कैश लैश होने में थोड़ा समय लगेगा ,अगर कैश लैश को बढ़ावा देना है तो कम निकाशी पर चार्ज नहीं लगाना चाहिये ,क्योकि भारत की जनता मध्यम वर्ग से आती है क्योंकि उनका 25 हज़ार से कम में भी गुजारा करते है इस पर बैंक को सोचना चाहिये
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