December 10, 2016

ताज़ा खबर

 

जेटली बोले, जीएसटी-नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने वाली पहल

जीएसटी से पड़ने वाले असर के बारे में जेटली ने कहा कि अनौपचारिक अर्थव्यवस्था जल्द ही औपचारिक अर्थव्यवस्था में बदल जायेगी और फिर राजस्व प्राप्ति अधिक होगी।

Author भुवनेश्वर | December 1, 2016 20:16 pm
वित्त मंत्री अरुण जेटली। (File Photo: PTI)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार (1 दिसंबर) को इन आशंकाओं को खारिज कर दिया कि नोटबंदी की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने नोटबंदी और वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) दोनों कदमों को भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने वाली पहल बताया। उल्लेखनीय है कि सरकार की एक अप्रैल से देश में जीएसटी व्यवस्था लागू करने की योजना है। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि (जीएसटी और नोटबंदी) दोनों ही पासा पलटने वाले साबित होंगे। ऐसा इसलिये होगा कि जीएसटी से जहां तक केन्द्र की बात है अधिक राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी वहीं राज्यों को भी अधिक राजस्व प्राप्त होगा। यह एक सक्षम कराधान व्यवस्था है। इससे खामियां दूर करने में मदद मिलेगी। इस व्यवस्था से ओडिशा जैसे अधिक खपत वाले राज्यों को भी निश्चित रूप से फायदा होगा।’

जेटली गुरुवार को यहां ‘मेक इन ओडिशा’ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। नोटबंदी को लेकर मची हायतौबा पर वित्त मंत्री ने कहा, ‘जहां तक मुद्रा में किये गए बदलाव की बात है, नोटबंदी की यह प्रक्रिया जैसे ही एक बार पूरी होगी और अर्थव्यवस्था अपनी पूरी गति से आगे बढ़ने लगेगी, उसके बाद सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आकार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और कर आधार भी बढ़ेगा।’ वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा के रूप में अधिक धन पहुंचेगा जिसका अर्थव्यवस्था के भले के लिये इस्तेमाल होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के मौजूदा प्रयास हालांकि चुनौतीपूर्ण लगते हैं लेकिन दीर्घकाल में ये अर्थव्यवस्था के लिये फायदेमंद होंगे।

जीएसटी से पड़ने वाले असर के बारे में उन्होंने कहा कि अनौपचारिक अर्थव्यवस्था जल्द ही औपचारिक अर्थव्यवस्था में बदल जायेगी और फिर राजस्व प्राप्ति अधिक होगी। कर व्यवस्था की खामियां दूर होंगी। जेटली ने इस मौके पर ओडिशा जैसे राज्यों का जिक्र करते हुये कहा कि ऐसे राज्य जहां ढांचागत सुविधाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अधिक काम किया जाना है। राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा राज्य को विनिर्माण गतिविधियों का केन्द्र बनाकर उसके विकास की दिशा में जो प्रयास किये जा रहे हैं, केन्द्र सरकार के सुधारों से इन प्रयासों को और बेहतर ढंग से हासिल किया जा सकता है।

वित्त मंत्री ने ओडिशा के ‘मेक इन ओडिशा’ अभियान में केन्द्र की तरफ से पूरा समर्थन देने का वादा किया। उन्होंने ओडिशा की 9 प्रतिशत वृद्धि की सराहना करते हुये कहा कि राज्य के समक्ष चुनौतियां भी हैं तो संपदा का खजाना भी यहां है। गरीबी और बड़ी जनजातीय आबादी इसके लिये चुनौती है तो दूसरी तरफ खनिज संपदा के क्षेत्र में राज्य धनी है। इसके अलावा राज्य की लंबी तटीय सीमा भी इसके लिये अवसर पैदा करती है।’ उन्होंने, इस बात पर भी गौर किया कि राज्य सरकार ने गरीबी दूर करने को काफी
काम किया है। राज्य की वृद्धि दर तेजी से बढ़ी है तो गरीबी स्तर में गिरावट आई है। राज्य की जीडीपी में विनिर्माण का अनुपात यह ऊंचा है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on December 1, 2016 8:14 pm

सबरंग