December 11, 2016

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HMT ट्रैक्टर कारखाना बंद होगा

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घाटे में चल रही सरकारी ट्रैक्टर कंपनी एचएमटी को बंद करने के फैसले पर गुरुवार को मुहर लगा दी। पिंजौर स्थित इस इकाई के कर्मचारियों के वेतन समेत अन्य बकायों के भुगतान के लिए सरकार ने 718.72 करोड़ रुपए जारी किए हैं।

Author नई दिल्ली | October 28, 2016 01:22 am

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घाटे में चल रही सरकारी ट्रैक्टर कंपनी एचएमटी को बंद करने के फैसले पर गुरुवार को मुहर लगा दी। पिंजौर स्थित इस इकाई के कर्मचारियों के वेतन समेत अन्य बकायों के भुगतान के लिए सरकार ने 718.72 करोड़ रुपए जारी किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एचएमटी की बंगलुरु और कोच्चि में पड़ी जमीन के छोटे टुकड़ों को भी विभिन्न सरकारी निकायों को हस्तातंरित करने की इजाजत दे दी है ताकि इनका इस्तेमाल जनहित में किया जा सके। मंत्रिमंडल ने वेतन, कर्मचारी एवं अन्य बकाया मुद्दों से निपटने के लिए बजटीय सहायता देने को भी मंजूरी दी। साथ ही 2007 के वेतनमान के आधार पर कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की पेशकश कर एचएमटी की ट्रैक्टर इकाई को बंद करने की भी अनुमति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने सरकारी कारखानों में सीधी रणनीतिक बिक्री करने के नीति आयोग के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। करीब एक दर्जन ऐसे उपक्रमों में मुनाफा कमाने वाले उपक्रम भी शामिल हैं।

बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जिन सार्वजनिक उपक्रमों में रणनीतिक बिक्री की जानी है उनके नाम नीलामी के लिये पेश करते समय सार्वजनिक कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विनिवेश और सीधी रणनीतिक बिक्री के बारे में नीति आयोग की सिफारिशें विचार के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष आईं। मंत्रिमंडल ने कुछ इकाइयों के मामले में सिफारिशों को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी। हर उपक्रम पर अलग से विचार किया जाएगा। रणनीतिक बिक्री में उपक्रम का प्रबंधन नियंत्रण का हस्तांतरण भी शामिल होगा क्योंकि उपक्रम में सरकार की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से नीचे आ जाएगी। उपक्रमों के मूल्यांकन के बारे में उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के बारे में निश्चित प्रक्रियाएं हैं इनमें जो भी अधिक पारदर्शी होगी, उसे अपनाया जायेगा।

जेटली ने बताया कि त्योहारी मौसम में दाम पर अंकुश रखने के मकसद से सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिये स्टॉक सीमा को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया है। अब अगले साल अप्रैल तक चीनी व्यापारियों को अपना स्टाक निर्धारित सीमा के भीतर रखना होगा। इसके अलावा जम्मू कश्मीर में सेब की बागवानी के विकास के लिए 500 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज को भी मंजूरी दे दी गई। इसके तहत राज्य में सेब की बागवानी करने वालों को पुराने बगानों को पुनर्जीवित करने और नए बागान विकसित करने के लिए मदद दी जाएगी। यह पैकेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राज्य के लिए घोषित 80 हजार करोड़ रुपए के पैकेज का हिस्सा है। मोदी ने जम्मू-कश्मीर में 2014 की भीषण बाढ़ के बाद वहां बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इस पैकेज की घोषणा की थी। जेटली ने बताया कि मंत्रिमंडल ने भारत और भूटान के बीच मुक्त व्यापार व्यवस्था के लिए नए समझौते को मंजूरी दे दी है। इसके तहत भूटानी वस्तुओं के तीसरे देशों में निर्यात के लिए भी शुल्क मुक्त आवाजाही की सुविधा भी होगी।

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First Published on October 28, 2016 1:08 am

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