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‘रात 8 बजे के बाद एटीएम में ना डाला जाए नकदी, सीसीटीवी-जीपीएस से लैस हो वैन’

सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि एटीएम में नकदी डालने के लिए नकदी परिवहन एजेंसियां बैंकों से सुबह ही धन ले लें।
Author नई दिल्ली | April 3, 2016 19:12 pm
देश भर में रोजाना करीब 8,000 निजी वैनें बैंकों, तिजोरियों और एटीएम तक 15,000 करोड़ रुपए पहुंचाने का काम करती हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नकदी ले जाने वाले वैन पर होने वाले हमलों को देखते हुए सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि शहरों में रात आठ बजे के बाद एटीएम में नकदी न डाली जाए और निजी नकदी परिवहन एजेंसियां भोजनावकाश से पहले ही बैंकों से धन ले लें। ग्रामीण क्षेत्र में एटीएम में नकदी डालने के लिए शाम पांच बजे और नक्सल प्रभावित जिलों में दोपहर तीन बजे तक का समय तय किया गया है। साथ ही सीसीटीवी और जीपीएस लगे हुए विशेष रूप से डिजाइन किए गए नकदी वैन होने चाहिए और उनमें पांच करोड़ से ज्यादा नकदी नहीं ले जायी जानी चाहिए। प्रत्येक वाहन में एक ड्राइवर और दो प्रशिक्षित हथियारबंद सुरक्षाकर्मी होने चाहिए जो हमला होने की स्थिति में ‘‘वाहन को सुरक्षित बचाकर बाहर निकाल सकें।’’

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने नकदी लाने-ले-जाने और एटीएम में नकदी डालने जैसे काम करने वाली निजी सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्रस्तावित नए एसओपीएस में यह बातें कही हैं। देश भर में रोजाना करीब 8,000 निजी वैनें बैंकों, तिजोरियों और एटीएम तक 15,000 करोड़ रुपए पहुंचाने का काम करती हैं। इसके अलावा निजी सुरक्षा एजेंसियां बैंकों की ओर से अपनी निजी तिजोरियों में रात भर के लिए 5,000 करोड़ रुपए नकदी रखती हैं। नकदी वैनों पर होने वाले हमलों, उनकी लूट आदि को दखते हुए यह एसओपीएस तैयार किए गए हैं।

सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि एटीएम में नकदी डालने के लिए नकदी परिवहन एजेंसियां बैंकों से सुबह ही धन ले लें। देश के शहरी क्षेत्रों में रात आठ बजे के बाद कहीं भी एटीएम में नकदी नहीं डाली जानी चाहिए। नये एसओपीएस में प्रस्ताव किया गया है कि प्रत्येक फेरी के लिए नकदी वैन में पांच करोड़ रुपए से ज्यादा नकदी नहीं होनी चाहिए। पांच करोड़ रुपए से ज्यादा नकदी लाने ले जाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गयी वैनों का प्रयोग किया जाना चाहिए। नकदी परिवहन और एटीएम में नकदी डालने का सारा काम सिर्फ ऐसे कर्मचारियों द्वारा कराया जाए, जिनकी पृष्ठभूमि की ठीक से जांच की गयी हो।

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