December 08, 2016

ताज़ा खबर

 

इनकम टैक्स रूल में सरकार कर रही ये 10 बदलाव, जानिए पूरा ब्यौरा

अघोषित नकदी के बारे में स्वेच्छा से घोषणा पर 50 प्रतिशत कर लगेगा, वहीं पकड़े जाने पर 85 प्रतिशत तक कर लगाया जा सकता है।

मोदी सरकार ने आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा की थी।

केंद्र सरकार को 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के फैसले के तीन हफ्ते बाद सोमवार को लोकसभा में संसोधित इनकम टैक्स बिल पेश किया गया है। नए बिल के जरिए सरकार अघोषित नकदी पर ज्यादा जुर्माना और टैक्स लगाएगी। नए इनकम टैक्स रूल में किए गए हैं ये 10 बदलाव:

1. 30 दिसंबर तक अघोषित पुराने नोटों में नकदी बारे में स्वेच्छा से घोषणा पर 50 प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है। कर अधिकारियों द्वारा पता लगाने पर अघोषित संपत्ति पर उच्चतम 85 प्रतिशत तक कर लगाया जा सकता है।

2. विधेयक में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीके) 2016 का प्रस्ताव किया गया है। इसमें यह कहा गया है कि जो लोग गलत तरीके से कमाई गई राशि अपने पास 500 और 1,000 के पुराने नोट में दबाकर रखें हुए थे और जो उसकी घोषणा करने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें पीएमजीके के तहत इसका खुलासा करना होगा। उन्हें अघोषित आय का 30 प्रतिशत की दर से कर भुगतान करना होगा। इसके अलावा अघोषित आय पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगेगा। साथ ही पीएमजीके उपकर नाम से 33 प्रतिशत सरचार्ज (30 प्रतिशत का 33 प्रतिशत) लगाया जाएगा। इस प्रकार, कुल मिलाकर 50 प्रतिशत शुल्क देना होगा।

3. जिन लोगों ने अपनी अघोषित आय नहीं बताई है और पकड़े जाते हैं, उनके लिए आयकर कानून के वर्तमान प्रावधानों को संशोधित कर एकमुश्‍त 60 फीसदी टैक्‍स तथा इस पर 25 फीसदी सरचार्ज (15 प्रतिशत) किया जाएगा, जो कि अघोषित आय का 75 प्रतिशत होगा। इसके अलावा जांच अधिकारी चाहे तो 10 फीसदी पेनाल्‍टी भी वसूल सकता है। इस स्थिति में कुल जुर्माना रकम का 85 फीसदी हो जाएगा।

4. प्रस्तावित संशोधित आयकर कानून में यह भी प्रावधान है कि घोषणा करने वालों को अपनी कुल जमा राशि का 25 प्रतिशत ऐसी योजना में लगाना होगा जहां कोई ब्याज नहीं मिलेगा। साथ ही इस राशि को चार साल तक नहीं निकाला जा सकेगा। इस योजना में आयी राशि का उपयोग सिंचाई, आवास, शौचालय, बुनियादी ढांचा, प्राथमिक शिक्षा, प्राथमिक स्वास्थ्य तथा आजीविका जैसी परियोजनाओं में किया जाएगा।

5. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) में घोषणा से यह सुनिश्चित होगा कि कोष के स्रोत के बारे में कुछ नहीं पूछा जाएगा। यह संपत्ति कर, दिवाली कानून तथा कर से जुड़े अन्य कानून से छूट प्रदान करेगा। लेकिन फेमा, पीएमएलए, नारकोटिक्स और कालाधन कानून से कोई छूट नहीं मिलेगी।

6. विधेयक को ‘धन विधेयक’ के रूप में लाया गया है। ऐसे में केवल लोकसभा की सहमति की जरूरत होगी। राज्यसभा में जहां सत्तारूद्ध दल के बहुमत नहीं है, लोकसभा द्वारा पारित और उसे भेजे गये धन विधेयक में संशोधन नहीं कर सकता।

7. इस संशोधन को ब्लैक मनी रखने वालों के लिए एक और मौके की तरह देखा जा रहा है। बिल में नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा रकम पर कितना जुर्माना लगाना है इस बारे में साफ किया गया है।

8. बिल के मुताबिक अघोषित आय जमा कराने वाले लोगों का नाम उजागर नहीं किया जाएगा। नई डिस्क्लोजर स्कीम के अलावा मौजूदा आयकर कानून के सभी नियम लागू होंगे।

9. मोदी सरकार ने काले धन पर कार्रवाई के लिए जो भी नए कदम उठाए हैं उसे कानूनी जामा पहनाने के लिए इनकम टैक्स कानून में बदलाव किया जा रहा है. यह बिल 8 नवंबर की रात को हुए नोटबंदी के ऐलान के बाद हुए लेन-देन पर यह कानून लागू होगा।

10. प्रस्तावित कानून की खास बात यह है कि यदि आपने कानून से बचने के लिए 2.5 लाख रुपये की रकम या उससे ज्यादा को कई भाग में बांटकर परिवार के अन्य सदस्यों के खाते में जमा कराया है तो आप कानून की पहुंच से बाहर नहीं है।

इनकम टैक्स संशोधन बिल; खुद बताया तो 50% वरना 85% टैक्स लेगी सरकार

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 29, 2016 9:53 am

सबरंग