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सरकार ने बताया सेवा शुल्क और सेवा कर में फर्क

होटल और रेस्तरांओं द्वारा लिया जाने वाला सर्विस चार्ज (सेवा शुल्क) सेवा कर नहीं है। जो कुल बिल पर 5.6 फीसद की दर से लगाया जाता है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बयान में कहा कि कुछ होटल, रेस्तरां व आहार गृहों द्वारा खाने और बेवरेजेज के अलावा सेवा शुल्क भी लिया जाता है। यह सेवा शुल्क वे अपने पास ही रखते हैं।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बयान में कहा कि कुछ होटल, रेस्तरां व आहार गृहों द्वारा खाने और बेवरेजेज के अलावा सेवा शुल्क भी लिया जाता है। यह सेवा शुल्क वे अपने पास ही रखते हैं।

होटल और रेस्तरांओं द्वारा लिया जाने वाला सर्विस चार्ज (सेवा शुल्क) सेवा कर नहीं है। जो कुल बिल पर 5.6 फीसद की दर से लगाया जाता है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बयान में कहा कि कुछ होटल, रेस्तरां व आहार गृहों द्वारा खाने और बेवरेजेज के अलावा सेवा शुल्क भी लिया जाता है। यह सेवा शुल्क वे अपने पास ही रखते हैं।

मंत्रालय ने कहा है कि कुछ उपभोक्ताओं को यह गलतफहमी है कि रेस्तरांओं द्वारा लिया जाने वाला सेवा शुल्क सरकार की ओर से कर के रूप में लिया जाता है।

मंत्रालय ने कहा- यह स्पष्ट किया जाता है कि रेस्तरांओं, होटलों व भोजनालयों द्वारा लिया जाने वाला सेवा शुल्क वे अपने पास रखते हैं और यह सरकार द्वारा लिया जाने वाला सेवा कर नहीं है। इसके अलावा मंत्रालय ने कहा है कि वाताकूलित होटलों आदि में जो सेवा कर 14 फीसद की दर से वसूला जाता है, वह सरकार का है। लेकिन यह कुल बिल राशि के 40 फीसद पर ही लगता है।

रेस्तरांओं, ईटिंग जॉइंट मेस आदि जहां एसी की सुविधा है वहां सेवा कर की प्रभावी दर कुल राशि पर 5.6 फीसद है। सरकार ने एक जून से सेवा कर की दर को 12.36 फीसद (शिक्षा उपकर सहित) से बढ़ा कर 14 फीसद कर दिया है।

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