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वास्तविक बदलाव के लिए भारत को अभी कई चीजें दुरुस्त करने की ज़रूरत: अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ

हार्वर्ड की प्रसिद्ध अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत सात प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर हासिल कर रहा है।
Author नई दिल्ली | October 9, 2016 21:28 pm
हार्वर्ड की प्रसिद्ध अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ। (फाइल फोटो)

हार्वर्ड की प्रसिद्ध अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने रविवार (9 अक्टूबर) को कहा कि ठोस वृद्धि दर के साथ भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में बेहतर स्थिति में है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वास्तविक बदलाव देखने के लिए भारत को अभी और निजी निवेश की जरूरत है, साथ ही उसे कई चीजें दुरुस्त करने की जरूरत होगी। गोपीनाथ ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘यह भविष्यवाणी कर पाना मुश्किल है कि निकट भविष्य में क्या होगा, लेकिन जो सकारात्मक कदम उठाए गए हैं, उनसे यह बदलाव जल्द आ सकता है।’ उन्होंने कहा, ‘वैश्विक वृद्धि सुस्त है और ज्यादातर उभरती अर्थव्यवस्थाएं जिंस कीमतों से प्रभावित हैं। इनकी तुलना में भारत अधिक बेहतर स्थिति में है।’ उन्होंने कहा कि भारत सात प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर हासिल कर रहा है। इसके वृहद आर्थिक संकेतक बेहतर हैं। हालिया घोषणाएं विशेषरूप से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के बारे में घोषणा का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्वागत हुआ है।

उन्होंने कहा कि लोग मान रहे हैं कि कुछ वास्तविक प्रगति हो रही है, लेकिन निश्चित रूप से यह काफी नहीं है। गोपीनाथ ने कहा, ‘अभी कई-कई चीजें हैं जिन्हें ठीक करने की जरूरत है, तभी कौशल भारत, मेक इन इंडिया जैसी बड़ी घोषणाओं के नतीजे सामने आएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘घरेलू निवेशकों द्वारा निजी निवेश अभी बढ़ नहीं पा रहा। भारत में निवेश की दर अभी सुधरी नहीं है। जब ऐसा होगा, तब वास्तविक बदलाव दिखाई देगा।’ केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन की आर्थिक सलाहकार गोपीनाथ ने कहा है कि ‘राजनीति की दृष्टि से वह सीधी सादी’ हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह राज्य के आर्थिक मुद्दों में मददगार साबित होती हैं तो यह अच्छा होगा। आर्थिक सलाहकार के रूप में गोपीनाथ की नियुक्ति से काफी होहल्ला मचा है। उन्होंने कहा कि इन घटनाक्रम से वह हैरान हैं, ‘मैं उम्मीद करती हूं कि अब यह पीछे हट गया है।’

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First Published on October 9, 2016 9:28 pm

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