December 05, 2016

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जितनी कमाई है, उसी में से बैंक बैलेंस बढ़ाने के 5 टिप्‍स

कहा जाता है कि बचत ही बुढ़ापे की पूंजी है, लेकिन आज के मंहगाई भरे जमाने और सीमित सैलरी में बचत करना आसान नहीं है। घर का किराया, बिजली-टेलीफोन आदि के बिल देने के बाद बचत करना आम इंसान के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।

अपनी सैलरी से ऐसे करें बचत (Representative Image)

कहा जाता है कि बचत ही बुढ़ापे की पूंजी है, लेकिन आज के मंहगाई भरे जमाने और सीमित सैलरी में बचत करना आसान नहीं है। घर का किराया, बिजली-टेलीफोन आदि के बिल देने के बाद बचत करना आम इंसान के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सब कुछ देने के बाद महीने के आखिर मे जो थोड़ा बहुत बचता है उसे सेव करने के लिए प्लानिंग जरुरी है। कुछ लोग बचे हुए पैसों को बैंक अकाउंट में डाल देते हैं लेकिन वह देर-सवेर खर्च हो ही जाते हैं। इस स्थिति में हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे तरीकों के बारे में, जिनके जरिए आप सेविंग्स करके अपना बैंक बैलेंस बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा अपने भविष्य को सिक्योर भी रख सकते हैं।

सेविंग्स अकाउंट के अलावा निवेश का विकल्प
सेविंग्स अकाउंट में पैसे जमा करने निवेश का एक विकल्प तो है पर आदर्श ऑप्शन नहीं है। क्योंकि सेविग्स अकाउंट में रिटर्न सीमित होता है और ऐसे में ज्यादा की उम्मीद करना निराशाजनक होता है। बेहतर है कि आप अपनी सैलरी के एक हिस्से को म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual funds) में निवेश कर सकते हैं। जरुरत पड़ने पर आप इन पैसों को निकाल भी सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड के उपयोग को कम करें
20 साल की उम्र में क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करना बेहतर फैसला हो सकता है अगर आप उसका इस्तेमाल बेहतर ढ़ग से करे। क्रेडिट कार्ड इमरजेंसी में पैसे न होने की हालत में आपकी मदद करता है। ऐसा देखने में आता है कि क्रेडिट कार्ड आने के बाद कस्टमर ज्यादा ही शॉपिंग करने लगते हैं। जिसका बिल आपको बाद में पे करना पड़ता है और यह आपके ऊपर एक कर्ज की तरह रहता है। टाइम लिमिट में पैसे जमा नहीं करने पर बैंक आप पर ब्याज भी चार्ज करता है।

सेविंग्स से कर्ज चुकाना सही फैसला नहीं
सेविंग्स एक निश्चित उद्देश्य के लिए की जाती है। इस स्थिति में अगर आप सेव किए हुए पैसों से कर्ज दे देंगे तो आपकी भविष्य की योजना प्रभावित हो सकती है। बेहतर है कि आप अपने खर्चों में कटौती करके उससे पैसे बचाएं और अपने कर्ज की अदायगी करें। इसके लिए ऑटो पेमेंट का तरीका भी अपना सकते हैं। जिसके तहत एक निश्चित अमाउंट आपके खाते से हर महीने काट ली जाएगी। यह आपके सेविंग्स को प्रभावित नहीं करेगा।

इंश्योरेंस बेनिफिट को न करें इग्नोर
जितना की कमाना जरुरी है उतना ही जरुरी खुद को सिक्योर रखना भी जरुरी है। लोगों को लगता है कि हम फिट और हेल्थी है तो हमे इश्योरेंस की क्या जरुरत है? लेकिन ऐसा नहीं है दुख-तकलीफ कभी किसी को बता के नहीं आते हैं। सोचिए अगर आप बीमार को जाएं और आपकी सेविंग्स अस्पताल के बिल भरने में चली जाए तो आपके हाथ में क्या बचेगा। ऐसे में जरुरी है कि आप इंश्योरेंस का लाभ उठाएं।

बिना बजट के खर्च करने को एवॉइड करें
खर्च करने से पहले बजट बनाना बहुत जरुरी है। इस तरह की चीजें आप अपने घर में देखते होंगे। आपके पैरेंट्स हर महीने के खर्चें के लिए पहले से ही बजट बना लेते हैं। बजट बनाना वित्तीय जरुरतों को पूरा करने का सबसे अच्छा तरीका है। आपको पता होता है कि आप किस संबंध में कितना खर्च कर रहे हैं।

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First Published on November 7, 2016 11:33 am

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