December 03, 2016

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24 अक्‍टूबर से फिर शुरू हुई गोल्‍ड बॉन्‍ड स्‍कीम, डिस्‍काउंट भी दे रही सरकार

एसजीबी के छठी किश्त के अंतर्गत 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इस योजना के तहत सॉवरन बॉन्ड्स 17 नवंबर को जारी किए जाएंगे।

नोटबंदी के बाद सोने की बिक्री में तेज उछाल देखने को मिली थी जिसके बाद आयकर विभाग ने कई जगहों पर छापे मारे थे। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सॉवरेन गोल्ड स्कीम को सोमवार से धनतेरस तक के लिए फिर से शुरू किया है। एसजीबी के छठी किश्त के अंतर्गत 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इस योजना के तहत सॉवरन बॉन्ड्स 17 नवंबर को जारी किए जाएंगे। इस बार सरकार इस योजना के तहत गोल्ड पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट दे रही है। इंडियन बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित बॉन्ड का मूल्य 3,007 रुपये प्रति ग्राम है, लेकिन छूट के बाद यह 2,957 रुपये प्रति ग्राम है।

बॉन्ड के अन्य फीचर्स पहले जैसे ही रहेंगे। इनकी बिक्री बैंक, स्टॉक होल्डिंग कोरपोरेशन ऑफ इंडिया, प्रमाणित पोस्ट ऑफिस और स्टॉक एक्सचेंज के जरिए होगी। इस बॉन्ड की अवधि आठ वर्ष होगी जिसमें निकासी का विकल्प पांचवे साल से शुरु हो जाएगा जो कि ब्याज भुगतान की तारीख के आधार पर होगी। इसमें एक वित्त वर्ष के दौरान प्रति व्यक्ति न्यूनतम निवेश एक ग्राम और अधिकतम 500 ग्राम संभव होगा। निवेशकों को फिजिकल गोल्ड से दूर रखने के प्रयास में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से पिछले वर्ष से अब तक सॉवरन गोल्ड बॉन्ड की पांच किश्तें जारी की जा चुकी हैं।

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ‘ग्राम्स ऑफ़ गोल्ड’ में मूल्यांकित सरकारी प्रतिभूतियां हैं। ये फिज़िकल गोल्ड अपने पास रखने के विकल्प हैं। फिजिकल गोल्ड यानी जूलरी, गोल्ड बार, गोल्ड कॉइन (सिक्का) आदि को हतोत्साहित करने और पेपर गोल्ड को प्रोत्साहित करना भी स्कीम का मकसद है। निवेशकों को नक़दी में निर्गम मूल्य का भुगतान करना होता है। बॉन्ड परिपक्वता के वक्त नकदी में भुनाए जाते हैं। इन्हें भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जारी करता है। इन्हें बेचा या फिर स्टॉक एक्स्चेन्ज में ट्रेड किया जा सकता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड डीमैट और पेपर फॉर्मेट, दोनों, में उपलब्ध होते हैं। बॉन्ड में न्यूनतम निवेश 2 ग्राम से किया जाता है। एसजीबी की अवधि न्यूनतम 8 वर्षों की होती है लेकिन इसी के साथ 5वें, 6वें और 7वें वर्षों का भी विकल्प दिया गया है। इनमें निवेशित पूंजी और प्राप्त ब्याज, दोनों पर सॉवरेन गारंटी दी जाती है।

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First Published on October 24, 2016 6:58 pm

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