May 29, 2017

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पंजाब, हरियाणा के धान उत्पादकों को नहीं मिल रहा न्यूनतम समर्थन मूल्य

धान के सामान्य किस्म के लिए एमएसपी 1,470 रुपए प्रति क्विंटल और ‘ए’ ग्रेड किस्म का एमएसपी 1,510 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किए हैं।

Author चंडीगढ़ | October 13, 2016 05:25 am
(EXpress Photo)

पंजाब और हरियाणा में धान की आवक के बढ़ने के साथ दोनों ही राज्यों के किसानों की शिकायत है कि उन्हें अपनी फसल के लिए पूरा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि इस ‘घोटाले’ के लिए धान मिलें, खरीद एजंसियों के अधिकारी और कुछ अन्य लोगों के बीच के गठजोड़ को जिम्मेदार बताया।

पंजाब और हरियाणा में धान के खरीद का काम जारी है और किसानों का कहना है कि फसल में अधिक नमी की उपस्थिति के बहाने उन्हें अपनी फसल के लिए कम एमएसपी मिल रहा है तथा प्रदेश के अधिकारी फसल की आराम से खरीद की सभी व्यवस्था के दावे के बावजूद इस ‘घोटाले’ पर ‘आंख मूंदे’ हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने बुधवार को कहा- हरियाणा के कई अनाज बाजारों में किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य(एमएसपी) नहीं दिया जा रहा है। धान मिलों, खरीद एजंसियों के अधिकारियों और आढ़तियों(कमीशन एजंट) के बीच सांठगांठ है। ये लोग विभिन्न मंडियों में परिचालन करते हैं और फसल में अधिक नमी के बहाने किसानों को धान का पूरा एमएसपी नहीं दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि औसतन किसानों को एमएसपी में सौ रुपए प्रति क्विंटल कम भुगतान किए जा रहे हैं।

केंद्र सरकार ने धान के सामान्य किस्म के लिए एमएसपी 1,470 रुपए प्रति क्विंटल और ‘ए’ ग्रेड किस्म का एमएसपी 1,510 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किए हैं। उन्होंने कहा कि धान मिलों ने मंडियों में नमी की मात्रा को निर्धारित करने के लिए अपने आदमियों को तैनात कर रखा है और वे आम तौर पर 17 फीसद से अधिक नमी बताकर एमएसपी में मनमाने ढंग से कटौती करते हैं। उन्होंने कहा- हमने हरियाणा की एक मंडी में पाया कि धान में नमी की मात्रा 14 फीसद होने के बावजूद कुछ किसानों को 1,300 रच्च्पये क्विंटल का भाव दिया गया। ै उन्होंने कहा कि कुरच्च्क्षेत्र, करनाल, कैथल और यमुनानगर के मंडियों में स्थितियां ‘खराब’ हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर द्वारा धान में 22 फीसद तक नमी की स्थिति में सीमा से अधिक नमी के बराबर धान के वजन में कटौती करते हुए खरीद करने की बात कहते हुए धान उत्पादकों को राहत दी थी लेकिन इसके बावजूद यह लूट मची हुई है।
चुनाव का सामना करने जा रहे राज्य पंजाब में भी स्थितियां समान ही हैं जहां भी चालू खरीद सत्र में किसानों को धान के लिए कम एमएसपी दिया जा रहा है और वहां तो प्रदेश के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। पंजाब और हरियाणा चालू सत्र में क्रमसे 130 लाख टन और 65 लाख टन धान खरीद होने की उम्मीद कर रहे हैं।

 

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First Published on October 13, 2016 5:25 am

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