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बीते सप्ताह खाद्य तेल कीमतों में कारोबार का मिला जुला रुख

उपभोक्ता उद्योगों की कमजोर उठान से अलसी तेल भाव में गिरावट आई जबकि छिटपुट मांग के कारण अरंडी तेल की कीमत में तेजी आई।
Author नई दिल्ली | July 17, 2016 19:25 pm
खाद्य तेल (Source: Website)

बीते सप्ताह दिल्ली के थोक तेल तिलहन बाजार में खाद्य तेल कीमतों में कारोबार का मिला जुला रुख दिखाई दिया। मौजूदा स्तर पर मामूली मांग के कारण चुनिंदा खाद्य तेल कीमतों में गिरावट रही जबकि फुटकर लिवालों की छिटपुट लिवाली के कारण कुछ अन्य की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। इसी तरह का रुख अखाद्य तेल खंड में भी देखने को मिला जहां उपभोक्ता उद्योगों की कमजोर उठान से अलसी तेल भाव में गिरावट आई जबकि छिटपुट मांग के कारण अरंडी तेल की कीमत में तेजी आई। बाजार सूत्रों ने कहा कि बाजार में पर्याप्त स्टॉक होने के मुकाबले मांग घटने के कारण मुख्यत: चुनिंदा खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि हालांकि फुटकर विक्रेताओं की छिटपुट लिवाली के कारण कुछ अन्य तेलों की कीमतों में तेजी को मदद मिली।

इस बीच उद्योग संगठन साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने कहा कि रिफाइंड पाम तेल के आयात बढ़ने के कारण पिछले महीने भारत के वनस्पति तेल का आयात 15 प्रतिशत बढ़कर 11.69 लाख टन हो गया। एसईए ने घरेलू प्रसंस्करणकर्ताओं को संरक्षित करने के लिए शुल्क ढांचे में बदलाव किए जाने की मांग की है। राष्ट्रीय राजधानी में मूंगफली मिल डिलीवरी (गुजरात) तेल की कीमत को मौजूदा स्तर पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा और इसकी कीमत 100 रुपये की गिरावट के साथ 12,900 रुपए प्रति क्विंटल रह गई। हालांकि कुछ समर्थन के कारण मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल की कीमत 1,950-2,000 रुपए प्रति टिन पर स्थिर रही। सोयाबीन रिफाइंड मिल डिलीवरी (इंदौर) और सोयाबीन देगम (कांडला) तेल की कीमत भी 50-50 रुपए की गिरावट के साथ क्रमश: 6,700 रुपए और 6,400 रुपए प्रति क्विंटल रह गई।

दूसरी ओर सरसों एक्सपेलर (दादरी) तेल को स्थानीय लिवालों की लिवाली का कुछ समर्थन मिला और इसकी कीमत 100 रुपए की तेजी के साथ 8,600 रुपए प्रति क्विंटल हो गई। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल की कीमत सीमित सौदों के कारण सीमित दायरे में घट बढ़ के बाद पिछले सप्ताहांत के बंद स्तर क्रमश: 1,350-1,400 रुपए और 1,400-1,500 रुपए प्रति टिन पर बंद हुई। बिनौला मिल डिलीवरी तेल (हरियाणा) तेल की कीमत भी 50 रुपए की तेजी के साथ 6,500 रुपए प्रति क्विंटल हो गई।

हालांकि लिवाली और बिकवाली के झोकों के बीच पामोलीन (आरबीडी) और पामोलीन (कांडला) की कीमत घट बढ़ दर्शाता अंत में क्रमश: 5,800 रुपए और 5,850 रुपए प्रति क्विंटल पर अपरिवर्तित बंद हुई। अखाद्य तेल खंड में अलसी तेल को पेन्ट उद्योगों की ओर से जरच्च्री लिवाली समर्थन नहीं मिला और इसकी कीमत 50 रुपए की गिरावट के साथ 9,750 रुपए प्रति क्विंटल रह गई जबकि औद्योगिक उठान बढ़ने के कारण अरंडी तेल की कीमत 50 रुपए की तेजी के साथ 9,600-9,700 रुपए प्रति क्विंटल हो गई।

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