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तेज आर्थिक तरक्की के लिए आपसी मतभेद भुलाएं: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में उच्च आर्थिक वृद्धि दर प्राप्त करने व रोजगार सृजित करने में मदद के लिए मुख्यमंत्रियों को आपसी मतभेद भुलाकर काम करने पर जोर दिया है। उन्होंने राज्यों को और अधिक कोष उपलब्ध कराने व उसके उपयोग की अधिक स्वतंत्रता दिए जाने का वादा किया और उनसे परियोजनाओं में देरी […]
बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं आईं लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री जीतत राम मांझी मौजूद थे। (फ़ोटो-पीटीआई)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में उच्च आर्थिक वृद्धि दर प्राप्त करने व रोजगार सृजित करने में मदद के लिए मुख्यमंत्रियों को आपसी मतभेद भुलाकर काम करने पर जोर दिया है। उन्होंने राज्यों को और अधिक कोष उपलब्ध कराने व उसके उपयोग की अधिक स्वतंत्रता दिए जाने का वादा किया और उनसे परियोजनाओं में देरी के कारणों के समाधान पर ध्यान देने की अपील भी की।

नवगठित राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान (नीति आयोग) की संचालन परिषद की रविवार को यहां पहली बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों व केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपालों को संबोधित करते हुए मोदी ने परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेज किए जाने पर बल दिया। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से परियोजना की धीमी रफ्तार के कारणों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने को कहा और सुझाव दिया कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन को तेज करने व उनसे संबंधित लंबित मुद्दों को निपटाने के लिए हर राज्य को अपने यहां किसी अधिकारी विशेष को जिम्मेदारी देनी चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित 66 योजनाओं में कुछ की जिम्मेदारी राज्यों को दिए जाने की पेशकश की। इन योजनाओं के लिए 2014-15 में राज्यों को देने के लिए 3,38,562 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। केंद्र प्रायोजित 66 योजनाओं के अध्ययन के लिए नीति आयोग के अधीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों का एक उप-समूह गठित किए जाने की घोषणा की गई। उप-समूह यह सिफारिश करेगा कि कौन सी योजनाएं जारी रखी जाएं, किन्हें राज्यों को हस्तांतरित किया जाए और किन्हें समाप्त किया जाए।

मोदी ने कहा कि देश को ‘सबको एक तराजू पर तौलने’ वाली योजनाओं से हट कर योजनाओं और राज्यों की जरूरत में तालमेल विकसित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने दो और उप-समूह गठित किए जाने की घोषणा की। इसमें एक राज्यों के भीतर कौशल विकास व रोजगार सृजन के लिए व दूसरा स्वच्छ भारत के लिए संस्थागत रूपरेखा तैयार करने के लिए होगा। प्रधानमंत्री ने गरीबी उन्मूलन को देश के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि योजना आयोग का स्थान लेने वाला नवगठित नीति आयोग सहकारी व प्रतिस्पर्धी संघवाद का माडल विकसित करेगा। प्रधानमंत्री ने इसे ऐसी बैठक करार दिया जिसमें ऐतिहासिक बदलाव लाने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि दुनिया ने अब भारत को अलग नजरिए से देखना शुरू कर दिया है।

इस बैठक में 31 राज्यों व संघ शासित प्रदेशों के कई मुख्यमंत्रियों व उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मोदी ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को ‘टीम इंडिया’ संबोधित करते हुए कहा कि अपने सभी मतभेद भुलाते हुए हमें निवेश, वृद्धि, रोजगार व समृद्धि के लिए मिलकर काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत तब तक आगे नहीं बढ़ सकता जब तक सभी राज्य आगे नहीं बढ़ें। उन्होंने कहा कि इसके पीछे विचार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ सभी राज्यों को एक साथ लाना है।

बाद में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैठक के बारे में संवाददाताओं को बताया कि बैठक में मोदी की टिप्पणियों का मुख्य जोर राजकाज के संचालन मॉडल के संदर्भ में था। वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी ने इस बात का उल्लेख किया कि वृद्धि, निवेश, गरीबी उन्मूलन, विकेंद्रीकरण और कार्यकुशलता प्राथमिकता के विषय हैं व परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि आर्थिक गतिविधियां वास्तव में राज्यों में होती हैं और इसीलिए राज्यों को अहम भूमिका निभानी है।

बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं आईं लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री जीतत राम मांझी मौजूद थे। मांझी को राज्य में राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने और कोष की मांग की जबकि केरल ने केंद्रीय आबंटन में ज्यादा आजादी दिए जाने को कहा। इसके अलावा बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई, पंजाब के प्रकाश सिंह बादल, तमिलनाडु के ओ पनीरसेल्वम, केरल के मुख्यमंत्री ओमेन चांडी, हिमाचल प्रदेश के वीरभद्र सिंह के अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।
परिचर्चा में संयोजक की भूमिका वित्त मंत्री अरुण जेटली ने निभाई। बैठक की शुरुआत नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया की टिप्पणी से हुई। प्रधानमंत्री इस आयोग के अध्यक्ष हैं।

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