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‘मेक इन इंडिया’ की सफलता के लिए राज्यों को आना होगा आगे: अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को आगे आना होगा। अखिलेश यादव ने यहां ‘ई-यूपी समिट’ में कहा, ‘‘राज्यों को इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए आगे आना होगा। मैं कह सकता हूं कि जब कभी भी […]
Author January 28, 2015 13:46 pm
अखिलेश यादव ने ‘ई-यूपी समिट’ में कहा, ‘‘राज्यों को इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए आगे आना होगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को आगे आना होगा।

अखिलेश यादव ने यहां ‘ई-यूपी समिट’ में कहा, ‘‘राज्यों को इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए आगे आना होगा। मैं कह सकता हूं कि जब कभी भी अवसर आता है और जब भी केंद्र की किसी स्कीम में यूपी की सहभागिता की बात आएगी तो राज्य सबसे आगे होगा।’’ उन्होंने कहा कि राज्यों में रहने वाले सब लोग ही इसे संभव कर सकते हैं क्योंकि केंद्र की अपनी कोई आबादी नहीं है।

अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्रियों की हाल की बैठक में एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे कहा कि उत्तर प्रदेश ने केंद्र की जन धन योजना के तहत सबसे अधिक खाते खुलवाकर चमत्कार कर दिया।

अखिलेश ने कहा, ‘‘सबसे अधिक खाते उत्तर प्रदेश में खोले गये। हमारे यहां सबसे अधिक बैंक शाखाएं हैं।’’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कई क्षेत्रों में अन्य राज्यों से आगे है, चाहे वह कृषि हो, डेयरी उत्पादन हो या फिर गन्ना उत्पादन हो।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम बुनियादी ढांचा क्षेत्र सुधारने के प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि मैं मानता हूं कि बुनियादी ढांचे के बिना हम राज्य में औद्योगिक घरानों को आकर्षित नहीं कर सकते।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए सत्ता में आने के बाद हमने केवल चुनावी घोषणापत्र में किये गये वायदों को ही पूरा नहीं किया बल्कि उन क्षेत्रों के लिए बजटीय आवंटन भी किया, जो बुनियादी ढांचे को सुधार सकते हैं।’’

अखिलेश यादव ने कहा कि चाहे सडकों का निर्माण हो या फिर बिजली उत्पादन, राज्य सरकार ने खुद के बजटीय आवंटन से ये सब कुछ किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन क्षेत्रों के लिए नीतियां बनायीं, जो विकास के लिहाज से पीछे छूट गये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में 15 हजार करोड रूपये की लागत से सबसे बडा एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेस-वे को अगले दो साल में पूरा करने के प्रयास चल रहे हैं। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे बनने के बाद दिल्ली से लखनऊ के बीच आवागमन आसान हो जाएगा।’’

अखिलेश ने कहा कि बेंगलूर, हैदराबाद और चेन्नई ने हालांकि औद्योगिक और आईटी ‘हब’ के रूप में पहचान बनायी है, लेकिन उत्तर प्रदेश में नोएडा और गे्रटर नोएडा तथा दिल्ली भी किसी मामले में पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस मौके पर मैं आपको आश्वस्त करना चाहूंगा कि इस क्षेत्र को जो भी समर्थन चाहिए, सरकार पूरी मदद करेगी क्योंकि यदि निवेश आता है तो उत्तर प्रदेश तरक्की करेगा। जब विनिर्माण क्षेत्र प्रगति करेगा तो नौकरियों का सृजन स्वत: ही होगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी क्षेत्र को, चाहे वह हार्डवेयर हो या सॉफ्टवेयर, आगरा और गोरखपुर जैसे राज्य के अन्य हिस्सों में ले जाने के प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमने आईटी पार्क पर पहले ही कार्य शुरू कर दिया है।’’

उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार ने कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया तो 40 लाख छात्रों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया।
इस मौके पर दक्षिण कोरिया के राजदूत जून ग्यू ली का स्वागत करते हुए अखिलेश ने कहा कि दक्षिण कोरिया के भारत विशेषकर उत्तर प्रदेश से लंबे समय से संबंध रहे हैं। उन्होंने ली से कहा, ‘‘जब आपके लोग यहां निवेश के लिए आएंगे तो संबंध और मजबूत होंगे।’’

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