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कार्ड से पेट्रोल-डीजल खरीदने पर आज से मिलेगी छूट, कैशबैक के रूप में वापस मिलेगी रकम

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के पेट्रोल पंप से पेट्रोल, डीजल खरीदने के बाद डिजिटल तरीके से उसका भुगतान करने पर 0.75 प्रतिशत की छूट सोमवार (13 दिसंबर) की आधी रात से शुरू हो गई।
Author नई दिल्ली | December 13, 2016 09:59 am
सरकार नोटबंदी के बाद डिजीटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए डेबिट कार्ड से लेन-देन पर चार्ज को कम करना चाहती है।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के पेट्रोल पंप से पेट्रोल, डीजल खरीदने के बाद डिजिटल तरीके से उसका भुगतान करने पर 0.75 प्रतिशत की छूट सोमवार (13 दिसंबर) की आधी रात से शुरू हो गई। पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी इंडियन ऑयल कापरेरेशन ने कहा कि 0.75 प्रतिशत की रियायत सोमवार मध्यरात्रि से शुरू हो रही है। कंपनी ने कहा है कि छूट राशि ‘कैश बैक’ के रूप में दी जाएगी और इसे सौदा होने के तीन दिन में ग्राहक के खाते में पहुंचा दिया जाएगा। सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, ई-वॉलेट और मोबाइल वॉलेट से पेट्रोल, डीजल खरीदने पर 0.75 प्रतिशत की रियायत देने की घोषणा की है।

इससे दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल पर 49 पैसे और डीजल पर 41 पैसे लीटर की छूट मिलेगी। दिल्ली में इस समय पेट्रोल का दाम 66.10 रुपये लीटर और डीजल का 54.57 रुपये लीटर है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने एक वक्तव्य में कहा, ‘दी जाने वाली छूट पेट्रोल, डीजल खरीदने के बाद कैश बैक के रूप में ग्राहक के खाते में अधिक से अधिक तीन कारोबारी दिनों में डाल दी जाएगी।’ वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले सप्ताह ऑनलाइन भुगतान को प्रोत्साहन देने के लिए पेट्रोल, डीजल के अलावा बीमा प्रीमियम का भुगतान करने, रेल टिकट खरीदने और राजमार्गों पर टोल शुल्क देने के लिए डिजिटल तरीके से भुगतान करने पर कुछ रियायतों की घोषणा की है। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने आठ दिसंबर को इस बारे में एलान किया था।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 11 सूत्री कार्यक्रमों की घोषणा की थी, जिन्हें पहली जनवरी से लागू किया जाना है। इसके तहत दो हजार रुपए तक के सभी डिजिटल ट्रांजेक्शंस पर सेवा कर नहीं लगेगा। वित्त मंत्री के अनुसार, जब से विमुद्रीकरण हुआ है, पेट्रोल और डीजल की खरीद के लिए 40 फीसद लेन-देन कैशलेस हो रहा है। पहले यह आंकड़ा 20 फीसद था। इस आंकड़े को बढ़ाने के लिए 0.75 फीसद छूट देने की योजना बनाई गई है। जेटली के अनुसार, देश भर में साढ़े चार करोड़ उपभोक्ता पेट्रोल-डीजल खरीदते हैं। रोजाना 1800 करोड़ रुपए की बिक्री होती है। एक महीने में डिजिटल पद्धति से खरीदने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो गई है। इससे अभी हर महीने 360 करोड़ रुपए रोजाना नकदी की जरूरत खत्म हुई है। 30 फीसद ग्राहक और बढ़े तो नकदी की सालाना जरूरत दो लाख करोड़ रुपए कम हो जाएगी।

कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री का ऐलान- ‘डिजिटल तरीके से पेमेंट पर मिलेगी छूट’

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