December 05, 2016

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नोटबंदी: मदद के लिए ₹20, 50 के नोट देगा SBI, चेयरपर्सन ने कहा- नवंबर अंत तक खत्‍म होगा संकट

सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्‍टी गवर्नर की अगुवाई में एक स्‍पेशल टास्‍क फोर्स का गठन किया है।

भारतीय स्टेट बैंक की अध्यक्ष अरुंधती भट्टाचार्य। (फाइल फोटो)

नोटबंदी के बाद फैली अफरातफरी के बीच स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने लोगों की हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। उन्‍होंने कहा है कि बैंक आने वाले दिनों में लोगों की मदद के लिए 50 और 20 रुपए के नोट दिए जाएंगे। एसबीआई चीफ ने कहा कि दक्षिणी राज्‍यों की उनकी शाखाओं में कार्यभार करीब 50 फीसदी कम हुआ है, जिससे साफ पता चलता है कि लोगों को भरोसा है कि उन्‍हें उनकी सुविधा पर पैसे मिलेंगे। हालांकि एटीएम के तेजी से आउट ऑफ कैश होने की वजह से हो रही असुविधा पर भट्टाचार्य ने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्‍योंकि उनमें 100 के नोट रखने की सीमित जगह होती है। चूंकि नए नोटों का आकार बदला है, इसलिए नए सांचे बनाने में भी वक्‍त लग रहा है। उन्‍होंने कहा, ”सबसे ज्‍यादा समय मैनुअल रिकैलिबरेशन में लगता है। पैसा खत्‍म होने पर एक व्‍यक्ति को खुद आकर नया स्‍टॉक भरना पड़ता है। हमें उम्‍मीद हैं और हमें इस समस्‍या को नवंबर अंत तक खत्‍म करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर तब तक हंगामा कम हो जाता है तो हम आने वाले दिनों तक 50 और 20 रुपए के नोट भी देना शुरू कर देंगे।” दूसरी तरफ सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्‍टी गवर्नर की अगुवाई में एक स्‍पेशल टास्‍क फोर्स का गठन किया है जो एटीएम के रिकैलिबरेशन पर नजर रखेगी, ताकि उन्‍हें पूरी तरह से चलने लायक बनाया जा सके।

वित्‍त मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के बारे में जानकारी देते हुए मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “बैंकों और एटीएम के आगे लगी लंबी लाइनों की जांच में पाया गया है कि कुछ लोग एक ही जगह पर बार-बार पैसे बदलने आ रहे हैं। यह भी रिपोर्ट मिली है कि कई लोगों ने अपने कालेधन को सफेद में बदलने के लिए कुछ लोगों से सांठ-गांठ की और उन्हें पैसे बदलने के लिए कई-कई बार बैंक भेजा जा रहा है।”

दास ने कहा, “हमने फैसला किया है कि नोट बदलवाने पर स्याही का निशान का निशान लगाया जाएगा। जिस तरह वोट डालने पर स्याही लगती है उसी तरह की स्याही नोट बदलने पर लगेगी।”

नमक को लेकर बोलते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि नमक की कोई कमी नहीं है, सिर्फ अफवाह फैलाई गई थी कि नमक की कमी हुई है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि “सोशल मीडिया पर यह भी अफवाह फैलाई जा रही है कि कुछ संस्थान नोट बंदी के फैसले के खिलाफ स्ट्राइक पर जा रहे हैं। ऐसा कुछ नहीं है, ऐसी खबरों पर भरोसा ना करें।”

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First Published on November 15, 2016 1:00 pm

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